संतूर वादक पंडित भट्टाचार्य और तबला विशेषज्ञ रॉयचौधरी ने छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया
प्रमुख बिंदु:
* स्पिक मैके कार्यक्रम में 700 से अधिक छात्रों ने शास्त्रीय जुगलबंदी देखी
* पंडित भट्टाचार्य ने राग गंगा और राग त्रिबेनी का प्रदर्शन किया
* यह आयोजन युवा पीढ़ी के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देता है
जमशेदपुर – डीएवी पब्लिक स्कूल, बिस्टुपुर में स्पिक मैके के माध्यम से मनमोहक शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में दो प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत विशेषज्ञ उपस्थित थे।
पंडित तरूण भट्टाचार्य ने अपनी संतूर निपुणता का प्रदर्शन किया।
इस बीच, ज्योतिर्मय रॉयचौधरी ने असाधारण तबला कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन ने 717 वरिष्ठ छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके अलावा, कलाकारों ने राग तीनताल और नटभैरवी की प्रस्तुति दी।
पंडित भट्टाचार्य के पास प्रतिष्ठित संगीत नाटक पुरस्कार है।
इसके अलावा, वह भारत के वैश्विक संगीत राजदूत के रूप में कार्य करते हैं।
प्रिंसिपल प्रज्ञा सिंह ने कहा, “शास्त्रीय संगीत हमारी सांस्कृतिक समझ को समृद्ध करता है।”
यह आयोजन स्पिक मैके के शैक्षिक मिशन के अनुरूप है।
इसके अतिरिक्त, रॉयचौधरी ने प्रसिद्ध उस्ताद ज़ाकिर हुसैन से प्रशिक्षण लिया।
वास्तव में, उन्हें प्रसार भारती का प्रतिष्ठित ए-ग्रेड कलाकार का दर्जा प्राप्त है।
प्रदर्शन में भारत की समृद्ध संगीत विरासत पर प्रकाश डाला गया।
इसके अलावा स्पिक मैके देश भर में नियमित रूप से ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
एक उपस्थित व्यक्ति ने कहा, “छात्रों ने शास्त्रीय परंपराओं में उल्लेखनीय रुचि दिखाई।”
संगठन ने इस वर्ष 100 से अधिक ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
