पूर्णिया। बिहार में पुलों के क्षतिग्रस्त और ध्वस्त होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को सीमांचल के पूर्णिया जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी करीब 170 मीटर लंबी पुलिया का मुख्य लोहे का स्लैब अचानक टूट गया। इसी दौरान पुल से गुजर रहा बालू लदा भारी ट्रक अनियंत्रित होकर उफनती बकरा नदी में जा गिरा।
हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रक पुल के ऊपर से गुजर रहा था। अचानक पुल का मुख्य स्लैब टूटने से ट्रक नदी में समा गया। बताया जा रहा है कि करीब 4.03 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पुल महज 17 साल में ही ध्वस्त हो गया।

चालक ने छलांग लगाकर बचाई जान
हादसे के दौरान ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से छलांग लगा दी। इससे उसकी जान बच गई। हालांकि तेज बहाव और नदी की अधिक गहराई के कारण देर शाम तक बालू लदे ट्रक का पता नहीं चल सका था।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया। एसडीआरएफ के गोताखोर मोटर बोट की मदद से नदी में डूबे ट्रक की तलाश कर रहे हैं।
दर्जनों पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा
पुल के ध्वस्त होने से जलालगढ़ और अमौर प्रखंड की दर्जनों पंचायतों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। यह मार्ग पड़ोसी अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड को जोड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पुल टूटने के बाद इस रास्ते पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
इससे हजारों ग्रामीणों, स्कूली छात्रों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने और पुल के जल्द पुनर्निर्माण की मांग की है।