August 21, 2026
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बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को मंजूरी, AI मिशन को मिलेगा बढ़ावा

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को मंजूरी, AI मिशन को मिलेगा बढ़ावा

पटना: बिहार सरकार ने सड़क, रोजगार और तकनीकी विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कैबिनेट की बैठक में बक्सर-भागलपुर सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

इसके साथ ही रोजगार संबंधी सूचनाओं को युवाओं तक बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए अवर प्रादेशिक नियोजनालय का नाम बदलकर जिला नियोजनालय करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में विकास के लिए जापान की टायो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू करने को भी मंजूरी दी गई है।

336 किलोमीटर लंबा होगा बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे

कैबिनेट के फैसले के अनुसार बक्सर-भागलपुर सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। करीब 336 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का निर्माण पीपीपी (DBFOT-Toll) मोड पर कराया जाएगा। राज्य सरकार अपनी राशि से बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाएगी।

सरकार ने परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ ही डीपीआर तैयार करने के लिए परामर्शी और ट्रांजैक्शन एडवाइजर की सेवाएं लेने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।

13 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे बिहार के 13 जिलों को जोड़ेगा। इसके दायरे में बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, लखीसराय, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर जिले शामिल हैं।

एक्सप्रेसवे बनने से इन जिलों के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना के आसपास जमीन और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

एक्सप्रेसवे के आसपास आर्थिक विकास पर जोर

सरकार ने बीएसआरडीसीएल को एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध बड़े भू-खंडों के आर्थिक विकास के लिए भी अधिकृत किया है। इससे भविष्य में इन क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यावसायिक और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का रास्ता खुल सकता है।

बिहार में AI इकोसिस्टम विकसित करने की तैयारी

कैबिनेट ने बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान की टायो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू करने को मंजूरी दी है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इस दिशा में कंपनी के साथ मिलकर काम करेगा।

एमओयू के बाद राज्य में एआई आधारित पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य बिहार में मजबूत एआई इकोसिस्टम तैयार करने के साथ अंतरराष्ट्रीय तकनीकी संस्थाओं और कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाना है।

अवर प्रादेशिक नियोजनालय अब कहलाएगा जिला नियोजनालय

युवाओं को रोजगार और नियोजन से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अवर प्रादेशिक नियोजनालय का नाम बदलकर जिला नियोजनालय करने का निर्णय लिया है। इससे रोजगार सेवाओं को जिला स्तर पर अधिक स्पष्ट और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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