August 19, 2026
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बिहार में शुरू हुआ विद्यार्थी सहयोग पोर्टल, 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो 11वें दिन CM ऑफिस से जारी होगा नोटिस

बिहार में शुरू हुआ विद्यार्थी सहयोग पोर्टल, 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो 11वें दिन CM ऑफिस से जारी होगा नोटिस

पटना: झारखंड की तर्ज पर अब बिहार में भी विद्यार्थी सहयोग पोर्टल। नाम भले ही अलग-अलग हो, मकसद विद्यार्थियों की मदद। शैक्षणिक उत्थान है मकसद। बिहार के विद्यार्थियों की शैक्षणिक और अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना स्थित जेडी वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का शुभारंभ किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कॉलेज की छात्राओं से संवाद कर उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। सरकार ने शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए पोर्टल के साथ स्वचालित नोटिस व्यवस्था भी लागू की है।

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल से ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे शिकायत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं शैक्षणिक, छात्रावास से जुड़ी तथा अन्य समस्याओं के साथ अपने सुझाव भी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।

पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क और गोपनीय होगी। विद्यार्थियों को विद्यार्थी सहयोग अभियान से संबंधित जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 भी उपलब्ध कराया गया है।

10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो 11वें दिन जारी होगा पहला नोटिस

सरकार ने शिकायतों के निपटारे के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद यदि 10 दिनों के भीतर उस पर कार्रवाई शुरू नहीं होती है तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्वतः पहला नोटिस जारी किया जाएगा।

इसके बाद 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी होगा। अधिकतम 30 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान सुनिश्चित करना होगा। शिकायत के निस्तारण के बाद आवेदक को इसकी लिखित सूचना भी दी जाएगी।

निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

हर महीने चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर

मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।

उन्होंने कहा कि 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जाएगा।

6.42 लाख आवेदनों में 96 प्रतिशत का निस्तारण

सम्राट चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से अब तक प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान की निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए स्वचालित नोटिस प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों की शिकायतें केवल दर्ज होकर न रह जाएं, बल्कि उनका समयसीमा के भीतर समाधान भी हो।

बिहार में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य में ही उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की मजबूरी न हो। इसी उद्देश्य से उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके अलावा 342 बीएड कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रम की सहमति से उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है।

10 रुपये में इंजीनियरिंग और 5 रुपये में पॉलिटेक्निक शिक्षा का दावा

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा को अधिक किफायती बनाने के लिए कई पहल की जा रही हैं। उन्होंने 10 रुपये में इंजीनियरिंग और 5 रुपये में पॉलिटेक्निक शिक्षा जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को करीब 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 534 प्रखंडों और प्रमुख शहरों को मिलाकर 551 स्थानों पर मॉडल स्कूल व्यवस्था विकसित करने तथा विद्यार्थियों को घर से पढ़ाई के लिए लाइव शिक्षक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

छात्राओं और महिलाओं की शिक्षा पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की प्रगति में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा तथा सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार आंगनबाड़ी, पोषण और पोशाक योजनाओं के साथ मैट्रिक, इंटर और स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी विद्यार्थियों को सहायता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत तथा पंचायती राज और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी को मजबूती मिली है।

विद्यार्थियों से खुलकर समस्याएं बताने की अपील

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विद्यार्थियों से अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार तक खुलकर पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ही बिहार की समृद्धि और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बिहार का कोई भी विद्यार्थी अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे, तभी बिहार समृद्ध होगा और विकसित भारत का लक्ष्य मजबूत होगा।

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