मानगो नगर निगम किसी की निजी जागीर नहीं, यह जनता की संस्था है : मेयर
मृत्युंजय सिंह गौतम
जमशेदपुर: चार महीने के लंबे अंतराल के बाद मंगलवार 18 अगस्त को आयोजित मानगो नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक आखिरकार भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई।
वन विश्रामागार सभागार में हुई इस बैठक में पार्षदों ने मेयर सुधा गुप्ता पर मनमानी और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
बिना सहमति के एजेंडा तैयार किए जाने और पार्षदों की बात सुने बिना मेयर के बैठक छोड़कर जाने से सदन में भारी गतिरोध उत्पन्न हो गया, जिसके चलते बैठक अधूरी ही रह गई।
एक तरफ जहाँ पार्षदों ने निगम के कामकाज और नए वाहनों की खरीद के प्रस्तावों पर सवाल उठाते हुए बुधवार को डीसी से मिलने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी तरफ मेयर सुधा गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम को विकास कार्यों को बाधित करने की सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है।
पूरे घटनाक्रम के बीच मेयर सुधा गुप्ता ने लंबे साक्षात्कार में अपने स्टैंड को मजबूती से रखा और विधायक सरयू राय पर जमकर सियासी प्रहार किया। प्रस्तुत है लंबे साक्षात्कार के संपादित अंश:
प्रश्न : आज मंगलवार 18 अगस्त को मानगो नगर निगम की बोर्ड बैठक में जिस तरह का हंगामा देखने को मिला, उसे आप किस रूप में देखती हैं और आपके तीखे बयानों के क्या मायने हैं?
उत्तर : देखिए, लोकतंत्र में असहमति या बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन जब बोर्ड बैठक का एजेंडा विकास और जनहित के बजाय केवल राजनीति और विवाद खड़ा करना बन जाए, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
जमशेदपुर के विधायक सरयू राय जी का जिस तरह का रवैया रहा है, उससे साफ जाहिर होता है कि उनका एकमात्र उद्देश्य मानगो नगर निगम की व्यवस्था को अस्थिर करना है।
मानगो की जनता ने हमें यहाँ के विकास के लिए चुना है, न कि किसी के राजनीतिक स्वार्थ को साधने के लिए।
प्रश्न :: आपने विधायक सरयू राय पर मानगो के विकास को रोकने की कोशिश करने का सीधा आरोप लगाया है। इसके पीछे आपका क्या तर्क है?
उत्तर: तर्क साफ है और जनता सब देख रही है। सरयू राय जी बिल्कुल नहीं चाहते कि मानगो नगर निगम आर्थिक रूप से मजबूत हो और यहाँ विकास की रफ्तार तेज हो।
बोर्ड बैठक में जनहित के जरूरी मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय जानबूझकर हंगामा खड़ा करना इसी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
इससे पहले भी मानगो के लिए उपलब्ध फंड को वापस लौटने की स्थिति पैदा की गई और अब कुछ चुनिंदा चहेते पार्षदों के माध्यम से नगर निगम के कामकाज को प्रभावित करने व उसे हाईजैक करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।
मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूँ कि नगर निगम किसी व्यक्ति या राजनीतिक समूह की निजी जागीर नहीं है। यह मानगो की सवा लाख जनता की अपनी संस्था है, जिसका संचालन पूरी तरह कानून, नियमों और जनहित के आधार पर होगा।
प्रश्न:: क्या आपको लगता है कि इस राजनीति में कुछ पार्षदों का इस्तेमाल किया जा रहा है? आप पार्षदों के साथ अपने तालमेल को कैसे देखती हैं?
उत्तर: निर्वाचित पार्षदों का सम्मान करना हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा है और मैं व्यक्तिगत रूप से सभी पार्षदों का पूरा सम्मान करती हूँ। लेकिन, किसी भी पार्षद का इस्तेमाल नगर निगम की कार्यप्रणाली को बाधित करने या शहर के विकास को रोकने के लिए होने दिया जाए, यह कतई स्वीकार्य नहीं है।
मानगो को किसी एक व्यक्ति के राजनीतिक नियंत्रण में देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। जनता ने हमें शहर की दशा सुधारने की बड़ी जिम्मेदारी दी है, जिसे हम पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।
प्रश्न :: नगर निगम में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर आपके तेवर हमेशा कड़े रहे हैं, इस पर आपका क्या कहना है?
उत्तर: इस मामले में हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट और पारदर्शी है—‘जीरो टॉलरेंस’। नगर निगम के भीतर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, सरकारी राजस्व की क्षति या नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भ्रष्टाचार चाहे किसी ने भी किया हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। कोई यह सोचे कि अपनी राजनीतिक पहुंच या दबाव के बल पर वह जांच से बच जाएगा, तो यह उसकी गलतफहमी है।
सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है, और किसी भी शिकायत पर सक्षम प्राधिकार से जांच कराई जाएगी।
प्रश्न :: इन तमाम विवादों के बीच मानगो के विकास का आपका आगामी एजेंडा और प्राथमिकताएं क्या हैं?
उत्तर: हमारी प्राथमिकताएँ पूरी तरह स्पष्ट और जमीन से जुड़ी हैं। मानगो में सड़क, नाली, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति, सीवरेज, पार्क और बेहतर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाना हमारा मुख्य लक्ष्य है।
केवल राजनीतिक बयानबाजी और कोरे विवादों से मानगो का विकास नहीं हो सकता। विकास के लिए धरातल पर उतरकर काम करना पड़ता है, योजनाएँ बनानी पड़ती हैं और उन्हें अमलीजामा पहनाना पड़ता है। हमारी पूरी टीम इसी दिशा में दिन-रात काम कर रही है।
प्रश्न:: बोर्ड के सदस्यों और मानगो की जनता के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: मैं बोर्ड के सभी निर्वाचित सदस्यों से यह अपील करूँगी कि वे अपने छोटे-मोटे राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रखकर मानगो के सामूहिक विकास के लिए आगे आएं और बोर्ड बैठक को सार्थक चर्चा का मंच बनाएं।
अंत में मैं यही कहूँगी कि मैं अपनी जनता के प्रति जवाबदेह हूँ। किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे न हम डरेंगे, और न ही झुकेंगे।
मानगो के विकास के लिए जो भी कड़े और जरूरी कदम उठाने होंगे, वे पूरी मजबूती के साथ उठाए जाएंगे। यह निगम जनता का है और जनता के पैसे का सही इस्तेमाल तथा तेज विकास ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
[title सरयू राय के स्वार्थ से प्रेरित हस्तक्षेप के कारण प्रभावित हो रहा मानगो का विकास: सुधा गुप्ता]



