रांची : झारखंड सरकार सोमवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता को लेकर एक्शन में दिखा। सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। रांची स्थित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय में सोमवार को सीआईडी की टीम ने छापेमारी की। टीम आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों व रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक के अनुसार, विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं के सिलसिले में JSSC कार्यालय में यह कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले जांच एजेंसी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े मामले में भी कार्रवाई की थी।
JSSC CGL परीक्षा के रिकॉर्ड की जांच
सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी वर्ष 2024 में आयोजित JSSC CGL परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। परीक्षा के जरिए चयनित सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा के दौरान किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ था या किसी अभ्यर्थी को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया था। जांच में यदि किसी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
JSSC CGL परीक्षा के माध्यम से दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। छात्र संगठन लंबे समय से इस परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
24 दिनों से आंदोलन कर रहे प्रतियोगी अभ्यर्थी
झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अभय तिवारी के बयान से जांच को मिला अहम सुराग
JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का बयान भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सीआईडी को दिए बयान में अभय तिवारी ने दावा किया है कि परीक्षा से पहले CGL के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। खास बात यह है कि तिवारी खुद भी इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में शामिल रहा है।
TDPL के बाद Webel को मिली थी परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी
अभय तिवारी के अनुसार, पहले TDPL को JSSC की परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी दी जाती थी। बाद में कंपनी ने कम दर पर परीक्षा कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे डी-इंपैनल कर दिया गया। इसके बाद परीक्षा संचालन का काम Webel नामक एजेंसी को सौंपा गया।
तिवारी ने Webel से जुड़े कुछ लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके दावे के मुताबिक, Webel से जुड़े लोगों के माध्यम से उसे JSSC CGL परीक्षा के प्रश्न और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे।
अब सीआईडी की छापेमारी और दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि JSSC CGL परीक्षा में वास्तव में किस स्तर पर अनियमितता हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
हालांकि सीआईडी को ओर से मामले का खुलासा करने के बाद ही खुलासा होगा। क्या-क्या जानकारी मिली।