August 1, 2026
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जमशेदपुर

Mango Municipal Corporation Tender Cancellation: सरयू राय ने उठाए सवाल, PWD कोड उल्लंघन का आरोप, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

Mango Municipal Corporation Tender Cancellation: सरयू राय ने उठाए सवाल, PWD कोड उल्लंघन का आरोप, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम द्वारा नगर निगम चुनाव से पहले जारी की गई करीब डेढ़ दर्जन से अधिक निविदाओं को बिना स्पष्ट कारण बताए रद्द किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है।

उन्होंने इसे लोक निर्माण संहिता (PWD Code) के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए इस फैसले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सरयू राय ने जारी बयान में कहा कि निविदा प्रक्रिया के संचालन में पीडब्ल्यूडी कोड सर्वोच्च मार्गदर्शक दस्तावेज है और सभी सरकारी विभागों व नगर निकायों को इसी के अनुसार कार्य करना होता है।

उन्होंने कहा कि नियमानुसार सबसे कम दर (एल-1) देने वाले निविदादाता का चयन किया जाता है और उसे लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी किया जाता है, जिसकी वैधता 21 दिनों की होती है।

उन्होंने बताया कि यदि चयनित एजेंसी निर्धारित अवधि में एकरारनामा नहीं करती है तो पहले 15 दिनों का और फिर एक सप्ताह का अंतिम रिमाइंडर दिया जाता है।

इसके बावजूद सहमति नहीं मिलने पर उसकी अग्रिम राशि जब्त कर एल-2 निविदादाता से एल-1 की दर पर कार्य करने के लिए बातचीत की जाती है। यदि एल-2 भी तैयार नहीं होता, तभी निविदा रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

नियमों की अनदेखी का आरोप

सरयू राय का आरोप है कि मानगो नगर निगम ने इन अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ही कई निविदाएं रद्द कर दीं। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों ने एकरारनामा कर लिया था और अग्रिम धनराशि भी जमा कर दी थी, उनकी निविदाएं भी निरस्त कर दी गईं।

इसके अलावा ऐसी निविदाएं, जिन्हें तकनीकी या प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी थी अथवा जिनकी प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, उन्हें भी रद्द करने या रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी मिल रही है।

विधानसभा में उठेगा मामला

विधायक ने कहा कि किसी वरिष्ठ लोकसेवक द्वारा इस तरह का निर्णय लेना गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार इससे संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि ऐसा निर्णय या तो किसी निहित स्वार्थ के कारण लिया गया है या फिर किसी बाहरी दबाव में।

सरयू राय ने कहा कि पीडब्ल्यूडी कोड के प्रावधानों की अनदेखी या उल्लंघन गंभीर प्रशासनिक अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने घोषणा की कि वह आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग करेंगे।

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