श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रप्रेम, साहस और स्वाभिमान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
मुख्य बिंदु
• नमन परिवार ने अमर शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की
• वक्ताओं ने उनके त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया
• विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए
जमशेदपुर : जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों का प्रतिशोध लेकर भारतीय स्वाभिमान का परचम विश्व पटल पर लहराने वाले महान क्रांतिकारी अमर शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर सामाजिक एवं राष्ट्रवादी संस्था नमन परिवार की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नमन परिवार की मातृशक्ति, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा शहर के गणमान्य नागरिकों ने शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने उनके राष्ट्रप्रेम, त्याग, साहस और स्वाभिमान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।
नमन परिवार के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का बलिदान भारतीय स्वाभिमान, न्याय और राष्ट्रगौरव की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार की पीड़ा को ऊधम सिंह ने वर्षों तक अपने हृदय में संजोए रखा और दृढ़ संकल्प के साथ अन्याय का प्रतिकार कर पूरी दुनिया को भारतीय स्वाभिमान की शक्ति का परिचय कराया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के वीर सपूतों के त्याग और संघर्ष को स्मरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। साथ ही युवाओं से उनके जीवन से राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने अन्याय के विरुद्ध अदम्य साहस का परिचय देकर भारतीय स्वाभिमान की सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत की। उनका जीवन सत्य, न्याय और राष्ट्रहित के लिए निरंतर संघर्ष की प्रेरणा देता है।
वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण सिंह ने कहा कि ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग के निर्दोष शहीदों को न्याय दिलाने के संकल्प को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उनका साहस और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संस्थापक वरुण कुमार ने कहा कि वीर शहीदों का स्मरण समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ऊधम सिंह का जीवन युवाओं को देशभक्ति, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
इसके अलावा हर हर महादेव सेवा संघ के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह निक्कू, साहित्यकार बलविंदर सिंह तथा रामलीला उत्सव समिति के रामकेवल मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने शहीद ऊधम सिंह के जीवन को साहस, त्याग, राष्ट्रभक्ति और न्याय के लिए संघर्ष का अनुपम उदाहरण बताया।
कार्यक्रम के अंत में जसवंत सिंह भोमा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
श्रद्धांजलि सभा में जितेंद्र चावला, राघवेंद्र शर्मा, अवतार सिंह सोखी, सुरेंद्र सिंह, संधू सिंह, महेंद्र सिंह, ए. विश्वनाथ राव, अवधेश कुमार, बीबी सिंह, कैलाश झा, ज्ञान प्रकाश, सरजू राम, लता सिन्हा, लख्खी कौर, ममता पुष्टि, ममता साहा, रितिका श्रीवास्तव, स्नेहलता सिन्हा, नमिता उपाध्याय, सुनीता देवी, सीता देवी, शुक्ला हलदर, मोना गुप्ता, उर्मिला देवी, संजू बनर्जी, पूर्वी रानी दत्ता सहित बड़ी संख्या में नमन परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
