जमशेदपुर/पटमदा : पटमदा के बाटालुका में नक्सल विरोधी सर्च अभियान के दौरान पुलिस टीम को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए जाने की खबर का ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को बंधक बनाने जैसी कोई स्थिति नहीं बनी थी। अभियान के दौरान कुछ ग्रामीणों को पूछताछ के लिए रोके जाने के कारण ग्रामीणों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
ग्रामीण एसपी ने रविवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को देखते हुए पुलिस लगातार सर्च अभियान चला रही है। शनिवार को भी पुलिस टीम बाटालुका क्षेत्र में अभियान के दौरान कुछ ग्रामीणों से पूछताछ कर रही थी।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को स्थिति समझाने और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने में करीब आधे से एक घंटे का समय लगा। पूछताछ पूरी होने के बाद सभी ग्रामीणों को छोड़ दिया गया और पुलिस टीम वापस लौट गई।
ग्रामीण एसपी ने कहा कि अभियान के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच किसी तरह की बंधक बनाने की स्थिति नहीं थी। ग्रामीणों में पैदा हुए भ्रम को बातचीत के माध्यम से दूर कर दिया गया।
पुलिस-ग्रामीणों के बीच 4 घंटे चला था गतिरोध, थाना प्रभारी की सूझबूझ से टला तनाव
पटमदा : नक्सल विरोधी सर्च अभियान के दौरान बाटालुका में पुलिस और ग्रामीणों के बीच उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को पटमदा थाना प्रभारी विष्णु चरण भोगता की सूझबूझ और संयम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। भारी बारिश के बीच शनिवार शाम कितापाठ जाहेरथान के पास सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और हिरासत में लिए गए तीन ग्रामीणों सहित पूर्व से हिरासत में मौजूद युधिष्ठिर महतो को छोड़ने की मांग की।
बताया जाता है कि शाम करीब पांच बजे शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे बढ़ता गया और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग का सुझाव भी सामने आया, लेकिन थाना प्रभारी ने इससे इनकार कर ग्रामीणों से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का निर्णय लिया।
थाना प्रभारी ने जवानों से ग्रामीणों के साथ संयम बरतने और किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों से संवाद शुरू किया और हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर उत्पन्न भ्रम को दूर करने का प्रयास किया।
करीब चार घंटे तक चले गतिरोध के दौरान थाना प्रभारी लगातार ग्रामीणों के संपर्क में रहे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरीय अधिकारियों को देते रहे। इस दौरान कुछ स्कूली छात्र भी थाना प्रभारी के समर्थन में सामने आए।
स्थिति को सामान्य करने में सारी, आमदापहाड़ी, बाटालुका और अपो गांव के ग्राम प्रधानों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि खगेंद्र नाथ सिंह और जिला पार्षद प्रदीप बेसरा ने भी ग्रामीणों को समझाकर गतिरोध खत्म कराने में सहयोग किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से थाना प्रभारी विष्णु चरण भोगता द्वारा पुलिस-पब्लिक रिलेशन रिफॉर्म के तहत ग्रामीणों के साथ लगातार बैठक और संवाद किया जा रहा है। इसका सकारात्मक असर भी इस पूरे घटनाक्रम के दौरान देखने को मिला।
थाना प्रभारी ने कहा कि ग्रामीणों के बीच कुछ भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। आपसी संवाद के जरिए भ्रम दूर किया गया और स्थिति को सामान्य कर लिया गया।