पटमदा : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची में आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 में बोड़ाम और पटमदा क्षेत्र के करीब 500 कलाकारों ने अपनी पारंपरिक लोककला की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। राज्य स्तरीय इस महोत्सव में झारखंड के विभिन्न जिलों से करीब 15 हजार कलाकारों ने हिस्सा लिया।
बोड़ाम-पटमदा से 300 ढोल-नगाड़ा कलाकार और 200 पाता नृत्य कलाकार महोत्सव में शामिल हुए। कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोकनृत्य के माध्यम से झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
कलाकारों को रांची में आयोजित इस बड़े मंच तक पहुंचाने और उनकी तैयारी में विनायक छऊ एंड नाटुआ डांस सोसाइटी के सचिव विश्वदेव महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कलाकारों के ठहरने और रिहर्सल की व्यवस्था अपने आवास पर की। करीब दो दिनों तक अभ्यास कराने के बाद कलाकारों की टीम 6 अगस्त को रांची के लिए रवाना हुई।
इसके बाद 7 से 9 अगस्त तक चले झारखंड आदिवासी महोत्सव में बोड़ाम-पटमदा के कलाकारों ने ढोल-नगाड़े और पाता नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी पारंपरिक प्रस्तुति ने महोत्सव में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और क्षेत्र की लोक संस्कृति को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई।
आयोजन को सफल बनाने में सागर सिंह, द्रोपदी महतो, हरप्रिया महतो, विजय टुडू, प्रेमचंद महतो, निरंजन सहिस, राजीव सहिस, संजय महतो, मुखचंद, अंबुज, रुद्र, देवाशीष और घटु सिंह समेत अन्य लोगों का सहयोग रहा।