गम्हरिया : औद्योगिक क्षेत्र स्थित आईडीटीआर जमशेदपुर में टीसीई, सीजीएसएससी और आईडीटीआर के संयुक्त तत्वावधान में ‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आईडीटीआर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को कौशल विकास, मेहनत और करियर निर्माण के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरका जैन विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अंगद तिवारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
व्यक्ति जितना अधिक परिश्रम करता है, उसका हुनर उतना ही निखरता है। उन्होंने छात्रों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी।
डॉ. तिवारी ने कहा कि पहली कोशिश में सफलता नहीं मिलने पर निराश होने की जरूरत नहीं है। आत्मविश्वास, समर्पण और निरंतर मेहनत के बल पर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल को लगातार विकसित करने और चुनौतियों का डटकर सामना करने का आह्वान किया।
टीसीई के सहायक महाप्रबंधक मुकेश सिंहदेव ने बताया कि कंपनी अपने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल और पाइपिंग सहित विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की कमी को दूर करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उद्योगों को कुशल कर्मचारी मिलते हैं, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होते हैं।
टीसीई के एवीपी मानस डे ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं है, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी अपनी भूमिका निभाना है। कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम को अरका जैन विश्वविद्यालय के डीन अश्विनी कुमार ने भी संबोधित किया। इससे पहले आईडीटीआर के महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार ने स्वागत भाषण दिया और संस्थान की गतिविधियों एवं कार्यों की जानकारी साझा की। प्रशिक्षण प्रमुख रामबाबू वर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन अनंत कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रशासक अंजन कुंडु ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।
आयोजन को सफल बनाने में एस. गुहा, डॉ. विष्णु कांत, प्रियंका, दशरथ महतो और उमेश रजक सहित अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में संस्थान के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।