August 10, 2026
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जमशेदपुर

चाकुलिया में जंगली हाथियों का उत्पात, डेढ़ बीघा फसल रौंदी; किसानों को भारी नुकसान

चाकुलिया में जंगली हाथियों का उत्पात, डेढ़ बीघा फसल रौंदी; किसानों को भारी नुकसान

चाकुलिया : झारखंड के कोल्हान क्षेत्र मसहलन पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में जंगली हाथियों द्वारा लगातार भारी तबाही मचाई जा रही है। हाथियों के हमलों से कई ग्रामीणों के घर टूट गए, फसलें और अनाज नष्ट हो गए। इसके अलावा तीनों जिलों में कई लोगाें की मौत भी हो चुकी है।

ताजा मामला पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड का है। यहां सरडीहा पंचायत के पश्चिम बंगाल सीमा से सटे पाकुड़िया गांव में शुक्रवार देर रात कई जंगली हाथियों ने खेतों में घुसकर सब्जियों और मकई की फसल को बर्बाद कर दिया।

हाथियों ने करीब डेढ़ बीघा खेत में लगी फसलों को खाया और रौंद दिया। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार, पश्चिम बंगाल सीमा से लगे जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड पाकुड़िया गांव में पहुंचा। हाथियों ने सबसे पहले मंटु चरण महतो के खेत में लगी झींगा की लताओं को रौंदकर नष्ट कर दिया।

इसके बाद रिंकू महतो के खेत में लगी बरबटी और मकई की फसल को भी खाकर और पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया।

बांस के बागान को भी पहुंचाया नुकसान

हाथियों ने अशोक महतो और शंकु महतो के बांस के बागान में भी जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने बांस के कई राइजोम तोड़ दिए। काफी देर तक खेतों और बागान में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड वापस पश्चिम बंगाल सीमा की ओर स्थित जंगल में चला गया।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से निगरानी की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड पाकुड़िया से सटे पश्चिम बंगाल के रेहड़ाशोल जंगल में मौजूद है। ऐसे में हाथियों के दोबारा गांव में प्रवेश करने की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की सूचना दे दी है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा गांव में दोबारा प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

बार-बार हो रहे नुकसान से आम लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि वे विभाग से गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक कोई सटीक उपाय नहीं हो पाया है।

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