July 26, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
जमशेदपुर

जमशेदपुर के डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित कार्यशाला

जमशेदपुर के डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित कार्यशाला

डॉ. जूही समर्पिता ने कहा-भारतीय ज्ञान परंपरा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का एक महत्वपूर्ण घटक, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास व मूल्यपरक शिक्षा को करती है सुदृढ़

जमशेदपुर : डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जमशेदपुर द्वारा भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) पर आधारित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जमशेदपुर के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के शिक्षक एवं प्राचार्यों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें उड़ीसा से आए दिलीप मंगराज (Director IQAC Guide)DBMS College गवर्निंग बॉडी सेक्रेटरी सतीश सिंह, प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता तथा उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

स्वागत भाषण में प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और मूल्यपरक शिक्षा को सुदृढ़ करती है। कार्यक्रम का कुशल संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा भारती द्वारा किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ ध्यान एवं योग सत्र से हुआ, जिसे डॉ. सुरीन भुल्लर के प्रयासों से संपन्न कराया गया। योग पर आधारित सत्र की विशेष सराहना मिथिलेश सिंह प्रधान अध्यापक सरकारी स्कूल patamda द्वारा अपने फीडबैक में की गई।

श्रीमती पामेला घोष दत्त, असिस्टेंट प्रोफेसर ने भारतीय ज्ञान परंपरा को वेद–पुराणों से जोड़ते हुए विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की। श्रीमती गायत्री कुमारी ने वैदिक गणित एवं ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डाला, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर पूनम कुमारी ने भी भारतीय ज्ञान प्रणाली पर एक प्रभावशाली सत्र लिया।

कार्यशाला में नामी डिग्री कॉलेज एवं भद्रक बिजनेस स्कूल से आए शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए।

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) श्री आशीष पांडे ने अपने कर-कमलों से सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए तथा डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन के इस शैक्षणिक प्रयास की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच की शैक्षिक खाई को पाटना आवश्यक है तथा शिक्षकों को कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सतत प्रयास करना चाहिए। मिथिले डॉक्टर सुरीन भुल्लर पामेला घोष दत्त पूनम कुमारी और गायत्री कुमारी ने आज पीपीटी के माध्यम से बहुत अच्छी कार्यशाला की शुरुआत की .

कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि को मोमेंटो भेंट देकर किया गया धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मीनाक्षी चौधरी द्वारा किया गया

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading