July 25, 2026
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टाटा पावर ने मुंबई स्थित मुख्यालय में ‘एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब’ का किया शुभारंभ

टाटा पावर ने मुंबई स्थित मुख्यालय में ‘एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब’ का किया शुभारंभ

~ स्मार्ट पावर सॉल्यूशंस के लिए डेटा, व्यवहार विज्ञान और एआई की शक्ति: एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब की नई पहल

~ डिमांड-साइड मैनेजमेंट और उपभोक्ता-केंद्रित नवाचार के लिए एमओयू: ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव का नया रोडमैप

मुंबई/जमशेदपुर : भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक, टाटा पावर ने आज अपने मुंबई स्थित मुख्यालय में ‘एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब’ (EIIL) का शुभारंभ किया। यह रणनीतिक अनुसंधान पहल अत्याधुनिक रिसर्च, डेटा और प्रयोगों के माध्यम से भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए तैयार की गई है, साथ ही इसका लक्ष्य देश भर के उपभोक्ताओं के लिए बिजली सेवाओं की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और अफोर्डबिलिटी में सुधार करना है।

एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब (EIIL) लैब यह लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) और LSE स्थित एक वैश्विक शोध संस्थान, इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर (IGC) के सहयोग से की स्थापना की गई है। इस लैब का उद्देश्य भारत के बिजली क्षेत्र की गंभीर चुनौतियों का समाधान करना है। इसमें बिजली की अत्यधिक मांग को मैनेज करने से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को और गहरा बनाना शामिल है, ताकि ऊर्जा सेवाएं भरोसेमंद, सस्ती और भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों के अनुरूप हों।

इस लैब का उद्घाटन टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा; एलएसई (LSE) में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और आईजीसी एवं ईईई रिसर्च प्रोग्राम के निदेशक प्रोफेसर रॉबिन बर्गेस; और आईजीसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. जोनाथन लीपे द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम दक्षिण एशिया के व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश उप उच्चायुक्त महामहिम हरजिंदर कांग की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस समारोह में आईएसआई (ISI) और आईजीसी आईएसजीएच के प्रोफेसर डॉ. चेतन घाटे भी उपस्थित थे।

इस उद्घाटन समारोह के दौरान टाटा पावर, एलएसई (LSE) और आईजीसी (IGC) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य सबूतों पर आधारित दृष्टिकोण और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के माध्यम से बिजली क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधान विकसित करना है।

सिस्टम-लेवल मॉडलिंग + कंज्यूमर-लेवल इनसाइट

यह लैब व्यावहारिक समाधानों के बड़े पैमाने पर परीक्षण के लिए उपभोक्ता व्यवहार विज्ञान, डेटा एनालिटिक्स और ऊर्जा प्रणाली मॉडलिंग का उपयोग करेगी। इसका मुख्य ध्यान ऐसे प्रायोगिक प्रोजेक्ट्स पर होगा जो स्मार्ट मीटर और आईओटी डेटा के ज़रिए डिमांड-साइड मैनेजमेंट और ग्रिड लचीलेपन में सुधार ला सकें।

यह पहल इस बात पर शोध करेगी कि कैसे उन्नत विश्लेषण और उपभोक्ता व्यवहार संबंधी अंतर्दृष्टि शहरी घरों में बिजली की अत्यधिक मांग के समय को कम करने या उसे संतुलित करने में मदद कर सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुविधा और आराम से समझौता किए बिना, स्थानीय बिजली नेटवर्क (ग्रिड) पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।

इस साझेदारी का लक्ष्य लैब को एक पूर्ण-स्तरीय इनोवेशन हब के रूप में विस्तारित करना है, जिसमें बढ़ा हुआ फंडिंग, संस्थागत भागीदारी और एक व्यापक जनादेश शामिल होगा। इस जनादेश में नियामक अनुमोदनों के लिए टैरिफ डिजाइनिंग, उपभोक्ता लचीलापन, वितरित नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा समानता जैसे क्षेत्रों को समर्थन देना शामिल है।

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