July 27, 2026
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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के चौथे तल से कूदकर मरीज ने की आत्महत्या

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के चौथे तल से कूदकर मरीज ने की आत्महत्या

नशे का आदी था, शराब नहीं मिलने पर हो जाता था बेचैन

शनिवार को रघुनाथ ने अस्पताल में की थी तोड़फोड़

चक्रधरपुर का निवासी था रघुनाथ मुंडा, 21 अगस्त से था भर्ती

जमशेदपुर : डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल के चौथे तल से कूदकर एक मरीज ने आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह हुई घटना। मरीज की पहचान मेडिसिन वार्ड में इलाजरत रघुनाथ मुंडा (50) के रूप में हुई है। घटना सुबह की है, लेकिन काफी देर बाद अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों ने उसे लहूलुहान अवस्था में देखा। इसके बाद इसकी जानकारी प्रबंधन को दी। तबतक उसकी मौत चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने पहुंचकर मरीज के पत्नी और डॉक्टरों से पूरे मामले की जानकारी ली।

पुलिस जांच में पता चला कि रघुनाथ मुंडा चक्रधरपुर का रहने वाला था। उसकी पत्नी दमयंती हांसदा ने थाने में दिए बयान में बताया कि पति लंबे समय से नशे की लत से परेशान थे। शराब नहीं मिलने पर उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ जाती थी और वह बेचैन रहने लगे थे। इसी वजह से उन्हें 21 अगस्त को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार सुबह जब वह रघुनाथ को ढूंढ रही थी, तभी किसी ने खबर दी कि उसने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी है। पुलिस ने इस मामले को अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमजीएम थाना प्रभारी सचिन दास ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। एमजीएम के नए अस्पताल में आत्महत्या का यह पहला मामला है। इससे पहले साकची स्थित अस्पताल में भी कई लोगों ने कूदकर आत्महत्या की थी।

अल्कोहल विद्ड्रॉल का मरीज था रघुनाथ मुंडा

रघुनाथ मुंडा मेडिसिन विभाग के डॉ. मंगेश के वार्ड में 21 अगस्त से भर्ती था। वह शराब का आदी था। इसके कारण उसे पहले भी झटका आता था। पिछले दिनों एक बार तबीयत खराब होने और झटका आने से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि पिछले दिनों उसे शराब नहीं मिली, जिससे उसे अल्कोहल विद्ड्रॉल की बीमारी हो गई। इसमें शराब नहीं मिलने से मरीज परेशान हो जाता है और अपना आपा खोने लगता है। एमजीएम के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने बताया कि वह शनिवार को भी अस्पताल में तोड़फोड़ कर रहा था, जिसके बाद उसे पुलिसवालों ने काबू किया और फिर सामान्य होने पर छोड़ा। रविवार को उसकी पत्नी ने जब उसे खोजना शुरू किया तो वह नहीं दिख रहा था। इस बीच नर्स ने देखा कि तालाब की ओर एक व्यक्ति नीचे अचेतावस्था में गिरा है। जाकर देखा गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। इस बीच उसकी पत्नी भी पहुंची और उसने पति की पहचान की। सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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