August 10, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
झारखंड

मनोज जरांगे कर्मठ और आंदोलनकारी नेता हैं: भाजपा एमएलसी

मनोज जरांगे कर्मठ और आंदोलनकारी नेता हैं: भाजपा एमएलसी

मुंबई, 8 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने शुक्रवार को विभिन्न मुद्दों पर अपनी बातें रखीं।

प्रसाद लाड ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मनोज जरांगे पाटिल के संदर्भ में कहा कि वो कर्मठ और आंदोलनकारी नेता हैं। आमतौर पर वो जिस मांग का जिक्र करते हैं, उसमें उनका कोई लाभ नहीं होता है। वो पूरी तरह से सामाज कल्याण को ध्यान में रखने वाले मुद्दों का ही जिक्र करते हैं। मुझे लगता है कि मौजूदा समय में कुछ विषयों को लेकर उन्हें कोई गलतफहमी है। अगर हम उनके साथ अपने संबंधों को प्रगाढ़ करेंगे तो जाहिर सी बात है कि वो सभी शंकाएं दूर होंगी।

साथ ही, उन्होंने ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके की नाराजगी को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, लक्ष्मण हाके को नाराज होने की कोई आवश्यकता नहीं थी। लक्ष्मण हाके जिस ओबीसी समुदाय का नेतृत्व करते हैं, उससे जुड़े कई नेता मेरे संपर्क में हैं। हम जिस भूमिका में रहते हैं, उसे देखते हुए हमने यह कभी नहीं कहा है कि हम ओबीसी के हिस्से में से कुछ मराठा समुदाय के नेताओं को देंगे या मराठा समुदाय के नेताओं के हिस्से में कुछ हिस्सा निकालकर ओबीसी समुदाय से जुड़े नेताओं को देंगे। हम इस तरह की स्थिति पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करते हैं। हमारी यही कोशिश रहती है कि किसी का भी किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं हो। किसी का किसी से कोई विवाद नहीं हो। हम लोग हमेशा से ही विकास को प्राथमिकता देते हुए आए हैं और आगे भी देते रहेंगे। मुझे लगता है कि मौजूदा समय में हाके जी जो भी बयान दे रहे हैं, वो राज्य में हो रही गतिविधियों से प्रेरित होकर दे रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले इन्होंने एकनाथ शिंदे के पास जाकर के यह गुहार लगाई थी कि हमें टिकट दीजिए। इन्हें यह समझना होगा कि यह मौजूदा गतिविधियों से प्रेरित होकर राज्य का नेतृत्व नहीं कर सकते हैं। समाज का नेतृत्व वही कर सकता है, जिसका मुख्य लक्ष्य राज्य का विकास करना हो।

साथ ही, उन्होंने दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सीजेपी के आंदोलन में नीट का कोई भी विद्यार्थी शामिल नहीं हुआ था। आज की तारीख में सभी चीजें सोशल मीडिया के माध्यम से निकलकर सामने आ रही हैं। जिस तरह के नारे वहां पर लगाए गए, वो सभी विषय बच्चों से जुड़े हुए नहीं थे। अगर आपको वाकई में छात्रों का आंदोलन देखना है, तो झारखंड जाकर देखिए। राहुल गांधी से मेरा सवाल है कि वो झारखंड जाकर के छात्रों से जुड़े मुद्दों को क्यों नहीं उठाते हैं। झारखंड में उनकी सरकार है। ऐसी स्थिति में उन्हें झारखंड जाकर के छात्रों के मुद्दों को उठाना चाहिए। ए

वहीं, भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, मुझे लगता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे बहुत बड़े नेता हैं। महात्मा गांधी ने भी आजादी के आंदोलन में संघ की भूमिका अहम बताई थी और बाकायदा उनकी मदद भी ली थी। मुझे लगता है कि अगर मल्लिकार्जुन खड़गे संघ का इतिहास पढ़ लें तो उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।

वहीं, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में कम और विदेश में ज्यादा रहते हैं। जिस देश में वह जाते हैं, वहां पर ई20 पेट्रोल कितना इस्तेमाल किया जाता है, उस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दूसरे देशों में पेट्रोल की कीमतें भारत से कितनी ज्यादा हैं, इस बारे में शायद उन्हें जानकारी नहीं है। मुझे लगता है कि मैं राहुल गांधी को अपने पैसों से विदेश में ले जाकर उन्हें यह बताने के लिए तैयार हूं कि वहां पर इथेनॉल का कितना इस्तेमाल किया जाता है।

साथ ही, उन्होंने शरद पवार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच रिश्ते बहुत अच्छे रहे हैं। शरद पवार को भी राजकीय जीवन में 60 साल से ज्यादा हो चुके हैं। शरद पवार इस देश के नेता हैं और अगर वो प्रधानमंत्री से मिलते हैं, तो जाहिर सी बात है कि वो मिल सकते हैं, क्योंकि वो एक वरिष्ठ नेता हैं। यह उनका अधिकार है। इस पर हमारे जैसे नेता का बयान देना उचित नहीं है।

वहीं, भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने एफसीआरए पर भी रिएक्शन दिया। उनके मुताबिक, एफसीआरए को लेकर सुप्रिया सुले ने साफ किया है कि कुछ बिंदुओं पर हमारी आपत्ति है। इन आपत्तियों को लेकर हम प्रधानमंत्री से मुलाकात भी करेंगे।

–आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading