जमशेदपुर : जमशेदपुर अभिभावक संघ ने सोनारी स्थित आरएमएस हाई स्कूल पर शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।
संघ का आरोप है कि आरटीई के तहत नामांकित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्रा से कक्षा 9 में प्रवेश के बाद स्कूल प्रबंधन फीस की मांग कर रहा है और भुगतान नहीं होने पर परीक्षा प्रक्रिया भी प्रभावित की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सोनारी स्थित आरएमएस हाई स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि सोनारी निवासी छात्रा चांदनी कुमारी का प्रवेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के तहत आरएमएस हाई स्कूल में हुआ था।
छात्रा ने सत्र 2025-26 में कक्षा 8 की पढ़ाई पूरी करने के बाद सत्र 2026-27 में कक्षा 9 में प्रवेश लिया है। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन अब उससे नियमित रूप से स्कूल फीस जमा करने का दबाव बना रहा है, जबकि आरटीई के तहत उसे निःशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है।
अभिभावक संघ का कहना है कि फीस जमा नहीं होने के कारण छात्रा की परीक्षा संबंधी प्रक्रिया भी प्रभावित की गई है। इससे छात्रा और उसके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने बताया कि छात्रा की मां घरेलू कामकाज कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए स्कूल प्रबंधन से फीस में छूट देने का अनुरोध किया था, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने पूरी फीस जमा कराने पर ही जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान अभिभावक संघ ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसके बावजूद शहर के कई निजी विद्यालय इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
संघ ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि आरएमएस हाई स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया जाए कि चांदनी कुमारी की पढ़ाई कक्षा 12 तक बिना किसी शुल्क के जारी रखी जाए। साथ ही आरटीई के तहत नामांकित अन्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के अधिकारों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अभिभावक संघ ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई नहीं की, तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।