प्रतिदिन 15 टैंकर से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, विभिन्न विभागों की मॉनिटरिंग हो
जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
जमशेदपुर : जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने एमजीएम अस्पताल परिसर में उत्पन्न पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में पेयजल की कमी अत्यंत संवेदनशील विषय है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने उप नगर आयुक्त, जुगसलाई नगर परिषद (जेएनएसी) को निर्देशित किया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रतिदिन 15 टैंकरों के माध्यम से अस्पताल परिसर में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी, शौचालयों एवं अन्य आवश्यक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हर हाल में बनी रहनी चाहिए। इसके साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने एमजीएम अस्पताल में स्थायी समाधान के तौर पर चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। कार्य की धीमी गति और तय समयसीमा के भीतर काम पूरा नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उपायुक्त ने उप नगर आयुक्त, जेएनएसी को निर्देश दिया कि 15 जून तक हर हाल में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कराया जाए। यदि निर्धारित समय तक काम पूरा नहीं होता है तो संबंधित कार्य एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।
राजीव रंजन ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त, एसडीएम धालभूम, निदेशक एनईपी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, एमजीएम उपाधीक्षक, मानगो नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त, अभियंता एवं कार्यदायी एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।