जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह 8 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। समारोह एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में होगा, जिसमें झारखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राजभवन से राज्यपाल के जमशेदपुर दौरे का विस्तृत कार्यक्रम भी विश्वविद्यालय को प्राप्त हो चुका है।
विश्वविद्यालय की कुलपति ने प्रेस वार्ता में बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) को निर्धारित समय में पूरा करने वाला जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय झारखंड का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि को दीक्षांत समारोह की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया जा रहा है।
चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाला पहला विश्वविद्यालय
कुलपति ने बताया कि NEP-2020 के प्रावधानों के अनुरूप चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक निर्धारित अवधि में पूरा कराया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने नए शैक्षणिक सत्र से एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
2200 छात्राओं को दी जाएगी डिग्री
चौथे दीक्षांत समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की करीब 2200 छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार चार शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की जाएगी। पीएचडी डिग्री प्रदान किए जाने के कारण इस वर्ष का दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिए खास माना जा रहा है।
मेधावी छात्राओं को चांसलर और गोल्ड मेडल
इस वर्ष मेधावी छात्राओं के सम्मान के लिए पुरस्कार व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। यूजी और पीजी स्तर पर ओवरऑल टॉप करने वाली छात्राओं को कुलाधिपति की ओर से चांसलर मेडल प्रदान किया जाएगा।
वहीं, अलग-अलग पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
नए स्टेट यूनिवर्सिटी एक्ट के अनुरूप हुआ पुनर्गठन
कुलपति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू नए स्टेट यूनिवर्सिटी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन भी पूरा कर लिया गया है। इसमें सेनेट, सिंडिकेट और बोर्ड ऑफ स्टडीज समेत अन्य संस्थागत इकाइयां शामिल हैं।
नए नियमों और सीट आवंटन की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौजूदा शैक्षणिक सत्र में नामांकन प्रक्रिया संचालित की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि चौथा दीक्षांत समारोह न केवल छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करेगा, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की नई उपलब्धियों को भी सामने लाएगा।