September 3, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
बिजनेस

घाटे में चल रही Air India में Tata Sons का बड़ा निवेश, 10,000 करोड़ रुपये से अधिक लगाने की तैयारी

घाटे में चल रही Air India में Tata Sons का बड़ा निवेश, 10,000 करोड़ रुपये से अधिक लगाने की तैयारी

नई दिल्ली: लगातार बढ़ते घाटे और कर्ज के दबाव से जूझ रही एयर इंडिया को टाटा समूह से बड़ा वित्तीय सहारा मिलने जा रहा है। टाटा संस के बोर्ड ने एयर इंडिया में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की नई पूंजी लगाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला कुछ शर्तों के साथ लिया गया है और निवेश के लिए एयर इंडिया को विस्तृत बिजनेस केस पेश करना होगा।

टाटा समूह ने वर्ष 2021 में केंद्र सरकार से 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। इसके बाद प्रस्तावित नया निवेश एयर इंडिया में टाटा समूह के सबसे बड़े निवेशों में शामिल होगा।

जून की बोर्ड बैठक में हुआ फैसला

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया में नए निवेश से जुड़ा फैसला जून में हुई टाटा संस के बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने की। इसमें टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन भी मौजूद थे।

टाटा संस के नियमों के मुताबिक, 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर्स के बहुमत की सहमति आवश्यक होती है।

बिजनेस केस के आधार पर मिलेगा फंड

सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड ने एयर इंडिया के अलावा समूह के अन्य उपक्रमों में पूंजी लगाने के प्रस्ताव को भी शर्तों के साथ मंजूरी दी है। इसके तहत एयर इंडिया या अन्य कंपनियों को फंडिंग की जरूरत होने पर निवेश के लिए विस्तृत बिजनेस केस प्रस्तुत करना होगा।

टाटा संस ने पिछले एक साल से अधिक समय से एयर इंडिया में इक्विटी निवेश नहीं किया था। इस मामले में टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

FY26 में एयर इंडिया का घाटा 22,238 करोड़ रुपये

एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति टाटा समूह के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।

एयर इंडिया के लगातार बढ़ते घाटे को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा के बीच मतभेद की एक वजह के तौर पर भी देखा जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी बीच चंद्रशेखरन ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर तीसरे कार्यकाल के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होगा।

एयर इंडिया पर करीब 40,000 करोड़ रुपये का बैंक कर्ज

रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया पर 11 बैंकों का कुल बकाया बढ़कर करीब 40,000 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का एक्सपोजर सबसे अधिक करीब 18,500 करोड़ रुपये है, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा का करीब 5,938 करोड़ रुपये का एक्सपोजर बताया गया है।

एयर इंडिया में टाटा संस की हिस्सेदारी करीब 73.8 प्रतिशत है। कर्मचारियों के पास SBICAP ट्रस्टी कंपनी के जरिए लगभग 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस की हिस्सेदारी 24.7 प्रतिशत है।

सिंगापुर एयरलाइंस को अपनी मौजूदा हिस्सेदारी बरकरार रखने के लिए करीब 3,350 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, ताकि नए इक्विटी निवेश के बाद उसकी हिस्सेदारी कम न हो।

  • टाउन पोस्ट एक स्वतंत्र और विश्वसनीय समाचार पोर्टल है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

न्यूज़लेटर

हर सुबह की बड़ी खबरें, सीधे आपके इनबॉक्स में

टाउन पोस्ट का न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें — कोई स्पैम नहीं, बस ज़रूरी खबरें।

हम आपकी जानकारी को सुरक्षित रखते हैं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

धन्यवाद! कृपया सब्सक्रिप्शन की पुष्टि के लिए अपना ईमेल जांचें।

हमें फॉलो करें

ताज़ा खबरों और अपडेट के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading