पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, CM और स्पीकर की चुप्पी पर जताई चिंता
जमशेदपुर: जमशेदपुर के पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने गुरुवार को राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गंभीर चिंता जताई। अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पूरे राज्य की पुलिस का एक विधायक के पीछे लगना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं है।
शैलेंद्र महतो ने इस मामले में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध विधायिका और कार्यपालिका के बीच संतुलन तथा अधिकारों से भी है।
सरकार और विधानसभा अध्यक्ष की चुप्पी पर सवाल
पूर्व सांसद ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि इस मुद्दे का समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो भविष्य में इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच टकराव की स्थिति किसी भी राज्य के हित में नहीं है। सरकार को सभी संबंधित पक्षों की बात सुनकर संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
8 से 10 सितंबर के बीच रणनीति तय होने की बात
शैलेंद्र महतो ने दावा किया कि झारखंड पुलिस 8 से 10 सितंबर के बीच अपनी आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह मामला आंदोलन का रूप लेता है तो इसका असर राज्य के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
हालांकि, उन्होंने सरकार से टकराव के बजाय बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार समय रहते हस्तक्षेप करेगी और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सकारात्मक पहल करेगी।
शैलेंद्र महतो के इस बयान के बाद संबंधित मुद्दे को लेकर झारखंड की राजनीति में चर्चा तेज होने की संभावना है।