जमशेदपुर : मानगो नगर निगम में कामकाज को लेकर अब भी गतिरोध बरकरार है। चाहे बोर्ड की बैठक का मामला हो या सफाई का। निगम की 18 अगस्त को आयोजित बोर्ड बैठक को लेकर उप महापौर राहुल कुमार कश्यप ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने 19 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र भेजकर बैठक में संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के पालन के साथ-साथ निर्वाचित पार्षदों के अधिकारों के संरक्षण की मांग की है।
उप महापौर ने अपने पत्र में 74वें संविधान संशोधन के अनुच्छेद 243-W और झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का हवाला देते हुए कहा है कि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों और एजेंडों को बोर्ड बैठक में उचित स्थान दिया जाना चाहिए। इससे शहर की बुनियादी समस्याओं पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच प्रभावी चर्चा और समाधान की दिशा में निर्णय लिया जा सकेगा।
चार महीने बाद हुई बोर्ड बैठक पर उठाया सवाल
राहुल कुमार कश्यप ने कहा कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम की धारा 74(1) के तहत प्रत्येक माह बोर्ड बैठक आयोजित किए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद 18 अगस्त को करीब चार महीने के अंतराल के बाद बैठक आयोजित की गई। उन्होंने नियमित मासिक बैठक नहीं होने पर आपत्ति जताते हुए भविष्य में निर्धारित अंतराल पर बैठक सुनिश्चित कराने की मांग की है।
उन्होंने पिछली बोर्ड बैठक की कार्यवाही विवरणिका (Minutes) की पुष्टि से पहले ही टेंडर से संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाया है। उप महापौर ने उपायुक्त से इन निर्णयों और संबंधित प्रक्रियाओं की विधिक समीक्षा कर आवश्यक मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया है।
पेयजल, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों को एजेंडे में शामिल करने की मांग
उप महापौर ने आगामी बोर्ड बैठकों में क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ एजेंडे में शामिल करने की मांग की है। इनमें पेयजल, स्वच्छता, सड़क, सीवेज और स्ट्रीट लाइट जैसी जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।
उनका कहना है कि इन समस्याओं पर बोर्ड स्तर पर विस्तृत चर्चा होने से आम लोगों से जुड़े मुद्दों का प्रभावी समाधान संभव होगा। साथ ही उन्होंने आगामी बैठकों में उपस्थिति पंजी का नियमित संधारण करने और बैठक की वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग कराने का भी आग्रह किया है।
पारदर्शिता और पार्षदों की सहभागिता पर जोर
राहुल कुमार कश्यप के अनुसार, बोर्ड बैठकों की वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग और उपस्थिति का नियमित रिकॉर्ड रखने से कार्यवाही में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे निर्वाचित पार्षदों की सहभागिता और उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने उपायुक्त से 18 अगस्त की बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों और टेंडर से संबंधित प्रस्तावों की विधिक समीक्षा कराने, भविष्य में नियमित मासिक बैठक आयोजित करने तथा सभी बैठकों की रिकॉर्डिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
पत्र की प्रतिलिपि जमशेदपुर के सांसद, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को भी भेजी गई है।
बहरहाल यदि विवाद चलता रहा तो विकास कार्य प्रभावित होना तय माना जा रहा है।