जमशेदपुर: भूमिहार महिला समाज, झारखंड की ओर से रविवार को कदमा स्थित ब्रह्मर्षि भवन में हरितिमा सावन महोत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। समारोह में समाज की कार्यकारिणी सदस्यों के साथ 250 से अधिक महिलाओं ने भाग लेकर सावन की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतियोगिताओं और विभिन्न सावन गेम्स ने महिलाओं का खूब मनोरंजन किया।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वामी सहजानंद सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद श्री गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। अतिथियों के स्वागत के बाद भूमिहार महिला समाज, झारखंड की फाउंडर अनु सिंह ने संगठन की सामाजिक गतिविधियों और महिलाओं के हित में संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी दी।

महिलाओं के सशक्तीकरण और सामाजिक सेवा पर जोर
अनु सिंह ने बताया कि भूमिहार महिला समाज की ओर से समाजसेवा और महिला सशक्तीकरण को लेकर कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनमें ‘रोजगार एक प्रयास’, वृक्षारोपण अभियान, जरूरतमंद छात्रों को पाठ्य सामग्री वितरण, बेसरा, पंख महिला हाट, शिक्षित समाज मुहिम और हेल्थ कैंप जैसी पहल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में समाज की ओर से एक और हेल्थ कैंप का आयोजन किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
सावन क्वीन और हरे परिधान प्रतियोगिता बनी आकर्षण
हरितिमा सावन महोत्सव में महिलाओं के लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों के साथ सर्वश्रेष्ठ हरे परिधान प्रतियोगिता और सावन क्वीन प्रतियोगिता खास आकर्षण का केंद्र रहीं।
इसके अलावा विभिन्न सावन गेम्स में भी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सावन गीतों, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सव के रंग में रंग दिया।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली विजेताओं के साथ प्रतिभागियों को भी उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी से पूरे ब्रह्मर्षि भवन परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।
मीडिया सदस्यों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के अंत में स्वरुचि भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडिया से जुड़े सदस्यों को सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।
आयोजन को सफल बनाने में भूमिहार महिला समाज, झारखंड की कार्यकारिणी की सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज की ओर से आयोजित इस सावन महोत्सव ने सामाजिक जुड़ाव, महिला सहभागिता और सांस्कृतिक उत्सव का संदेश दिया।