जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश से गालूडीह बराज में पानी का दबाव बढ़ने के बाद शुक्रवार को बराज के 10 फाटक खोल दिए गए।
सभी फाटकों को करीब 5 मीटर तक खोला गया है। बराज से लगभग 5 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा जा रहा है।
इससे स्वर्णरेखा नदी के बहाव में तेजी आ गई है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी के तेज बहाव और बढ़ते दबाव को देखते हुए नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बढ़ते जलस्तर के कारण खोले गए बराज के फाटक
बताया गया कि गालूडीह बराज में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा था। गुरुवार शाम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बराज के पांच फाटक खोले गए थे। इसके बाद शुक्रवार को पानी का दबाव और बढ़ने पर 10 फाटकों को करीब 5 मीटर तक खोल दिया गया।
बराज के जलस्तर के खतरे के निशान के करीब पहुंचने की स्थिति में पानी की निकासी बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि बराज पर अत्यधिक दबाव न पड़े और किसी तरह की क्षति की आशंका को कम किया जा सके।
प्रति सेकंड 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
गालूडीह बराज से करीब 5 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड स्वर्णरेखा नदी में छोड़े जाने की जानकारी है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के बहाव में तेजी आई है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
प्रशासन और स्थानीय स्तर पर नदी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी तरह का जोखिम न लें और नदी के आसपास जाने से बचें।
नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
बराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। गालूडीह, चंदरेखा, जगन्नाथपुर समेत स्वर्णरेखा नदी के किनारे बसे अन्य गांवों के लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
लोगों से विशेष रूप से नदी के किनारे, घाटों और तेज बहाव वाले स्थानों पर नहीं जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से बच्चों और मवेशियों को भी नदी के आसपास नहीं जाने देने की सलाह दी है।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
स्वर्णरेखा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण बराज में पानी की आवक बढ़ी है। ऐसे में आने वाले समय में जलस्तर पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और बराज में पानी की आवक बढ़ती रही, तो नदी के निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।