रांची : झारखंड की राजधानी रांची में में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्रों के आंदोलन को आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा के बेटे जयंत जयपाल सिंह का समर्थन मिला है। जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की और निष्पक्ष परीक्षा की मांग को जायज बताते हुए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
रांची स्थित जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच शुक्रवार को आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा के बेटे जयंत जयपाल सिंह पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया।
जयंत जयपाल सिंह ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित किया जाना जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन में उपद्रवियों और बाहरी लोगों को शामिल न होने दें। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठानी चाहिए, ताकि आने वाले चार-पांच वर्षों में झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन निष्पक्ष तरीके से हो सके। इसका लाभ राज्य के सभी योग्य अभ्यर्थियों को मिलना चाहिए।
‘ छात्रों और युवाओं का है यह मैदान ‘
जयपाल सिंह स्टेडियम के इतिहास का जिक्र करते हुए जयंत जयपाल सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर आज मैदान है, वहां पहले तालाब हुआ करता था। स्कूल के बच्चों ने श्रमदान कर इसे खेल के मैदान में तब्दील किया था।
उन्होंने कहा कि यह मैदान केवल मारंग गोमके जयपाल सिंह के नाम से जुड़ा हुआ स्थान नहीं है, बल्कि छात्रों और युवाओं का भी है। युवा इसका इस्तेमाल रचनात्मक कार्यों के लिए कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इसका उपयोग करने का पूरा अधिकार है।
जयंत जयपाल सिंह ने कहा कि वह उन छात्रों के साथ खड़े हैं, जो भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, छात्र भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से मुक्त नए झारखंड की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
कौन थे जयपाल सिंह मुंडा?
गौरतलब है कि मारंग गोमके के नाम से प्रसिद्ध जयपाल सिंह मुंडा झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेताओं में शामिल थे। वह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे थे और उनकी कप्तानी में भारत ने 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था।
जयपाल सिंह मुंडा ने प्रशासनिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह बीकानेर रियासत के प्रशासन से जुड़े रहे और वहां राजस्व आयुक्त के पद पर भी कार्य किया था।