जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित रमाडा होटल में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की झारखंड प्रदेश इकाई के आतिथ्य में आयोजित सत्र 2026-31 के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का रविवार को समापन हो गया। अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें संगठन के आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना, वैश्विक विस्तार, डिजिटल बदलाव और सामाजिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक की शुरुआत भगवान अग्रसेन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वागत भाषण में राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल ने श्री अग्रसेन फाउंडेशन के तहत अग्रोहा शक्तिपीठ में कुलदेवी आद्य महालक्ष्मी मंदिर के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने मंदिर निर्माण की वर्तमान स्थिति, आगामी चरणों और समर्पण योजना की विस्तृत जानकारी भी दी।
राष्ट्रीय कार्यसमिति में विभिन्न राष्ट्रीय समितियों, उप-समितियों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों, संयोजकों एवं सह-संयोजकों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही संगठन को देशभर में अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए नई समितियों के गठन तथा उनके कार्यक्षेत्र निर्धारित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अग्रवाल युवा सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल अग्रवाल, महिला सम्मेलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना टिबड़ेवाल, भामाशाह संरक्षक विनीत गुप्ता, नंद किशोर अग्रवाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नाथूराम जैन ने अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन एवं श्री अग्रसेन फाउंडेशन के वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय-व्यय विवरण और लेखा-प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री गोपाल गोयल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन भामाशाह ट्रस्टी विनीत गुप्ता लोहिया ने दिया।

पांच वर्षों की रणनीति पर बनी सहमति
राष्ट्रीय कार्यसमिति ने संगठन के भविष्य को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की। इसके तहत विदेशों में बसे अग्रवाल समाज के लोगों को संगठन से जोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन के विस्तार की योजना बनाई गई।
समाज की पत्रिका और आईटी संवाद व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल एवं पेपरलेस बनाने, युवाओं के स्टार्टअप को तकनीकी और वित्तीय सहयोग देने, बी-टू-बी (B2B) बिजनेस नेटवर्क को मजबूत करने तथा समाज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए सुरक्षित और हाई-टेक ग्लोबल मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म तैयार करने, भगवान अग्रसेन के “एक रुपया-एक ईंट” सिद्धांत को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा संगठन को आत्मनिर्भर कॉर्पोरेट मॉडल के रूप में विकसित करने पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे जरूरतमंद अग्रवाल समाज के विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित छात्रावास, आधुनिक लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल करने पर भी चर्चा हुई।
समाज में बढ़ती सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, अनुशासन समिति के गठन और नई नियमावली तैयार करने जैसे प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए।
युवा प्रकोष्ठ ने संगठन का एक डिजिटल मोबाइल एप विकसित करने की योजना भी प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से सदस्यता, कार्यक्रमों और अन्य सभी गतिविधियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।
‘समाज को जब भी जरूरत होगी, मैं हमेशा साथ खड़ी मिलूंगी’ : सुधा गुप्ता
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुईं मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि अग्रवाल समाज को सामाजिक, राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में अपनी भागीदारी लगातार बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के साथ-साथ विधानसभा और लोकसभा चुनावों में समाज के योग्य उम्मीदवारों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज को हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए और समाज के हितों के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। मेयर ने विश्वास दिलाया कि “जहां-जहां और जब-जब अग्रवाल समाज को मेरी आवश्यकता पड़ेगी, मैं सदैव आपके साथ खड़ी मिलूंगी।”