कोइड़ा (सुंदरगढ़): नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) की लौह अयस्क खदान द्वारा गुरुवार को सुंदरगढ़ जिले के कोइड़ा प्रखंड अंतर्गत पटामुंडा ग्राम पंचायत के पटुली गांव स्थित सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में 77वें वन महोत्सव का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम देशव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और वृक्षारोपण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों, ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों ने पूरे गांव में जागरूकता रैली निकाली और “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोनाई के प्रभागीय वन पदाधिकारी (डीएफओ) जशवंत सेठी ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि वे स्वस्थ वृक्ष बन सकें। उन्होंने सभी लोगों से वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि बोनाई के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) दुर्योधन जेराई ने छात्रों और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
वन महोत्सव के दौरान पर्यावरण विषय पर पहले आयोजित पोस्टर मेकिंग और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही क्षेत्र में वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्थानीय लोगों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पटामुंडा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच अभिनाश सुमन बागे, वार्ड सदस्य, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, एनआईएनएल के हेड (माइनिंग) पंकज कुमार, शिक्षक, विद्यार्थी, ग्रामीण और अन्य हितधारकों सहित 250 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
वन महोत्सव के इस आयोजन ने ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के संदेश को मजबूत करते हुए लोगों को हरित और सतत भविष्य के निर्माण के लिए वृक्षारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।