मुख्य बिंदु:
- हिमांशु सिंह की मौत के बाद रीगल गोलचक्कर पांच घंटे जाम रहा
- टीएमएच और बिष्टुपुर में हंगामा, कई वाहनों में हुई तोड़फोड़
- लापरवाही के आरोप में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी निलंबित
जमशेदपुर – बिष्टुपुर चाकूबाजी में घायल करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की मौत के बाद शहर में तनाव फैल गया है, जबकि मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर शनिवार रात हुई चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल करणी सेना के सरायकेला-खरसावां युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु कुमार सिंह ने सोमवार शाम टाटा मुख्य अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इसके बाद, मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुट गई। टीएमएच को पुलिस छावनी में बदल दिया गया।
वहीं, हिमांशु के शव को अस्पताल की मॉर्चरी में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।
आज मंगलवार को विशेष मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इसके अलावा, पोस्टमार्टम से अंतिम संस्कार तक पूरे रूट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दूसरी ओर, हिमांशु की मौत के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों ने रीगल गोलचक्कर को चारों ओर से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद, प्रदर्शन हिंसक हो गया। आक्रोशित भीड़ ने सिटी एसपी के वाहन में तोड़फोड़ की।
वहीं, सुरक्षा में लगे कई पीसीआर वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए। पूर्व आयकर आयुक्त की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई।
हालांकि, कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
उधर, करीब पांच घंटे तक चले जाम से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। हजारों लोग सड़कों पर फंसे रहे।
इसके अलावा, कई यात्री समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सके। कुछ यात्रियों की ट्रेनें भी छूट गईं।
वहीं, टाटा स्टील की बी-शिफ्ट पूरी कर लौट रहे कर्मचारियों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
इसी बीच, घटना में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
हालांकि, प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।

