जमशेदपुर : शहर में ट्रैफिक चालान को लेकर एक विवाद चर्चा का विषय बन गया है। नशे में वाहन चलाने के आरोप में 10 हजार रुपये का चालान कटने से नाराज एक युवक ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वह सीधे एसएसपी और उपायुक्त कार्यालय पहुंच गया और वहां अपनी कार में बैठकर शराब पीते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे शहर में मामले की चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात सोनारी स्थित साईं मंदिर के पास बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सोनारी निवासी संजय सिंह को जांच के लिए रोका गया।
पुलिस ने ब्रेथ एनालाइजर से उनकी जांच की और रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का चालान काट दिया।
हालांकि संजय सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन्होंने शराब का सेवन नहीं किया था।
उनके अनुसार, वे केवल शराब की बोतल लेकर जा रहे थे। उनका आरोप है कि कई बार ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने के बाद भी उन्हें नशे में वाहन चलाने का दोषी मानते हुए चालान कर दिया गया।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चालान की राशि सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय उन्हें एक पुलिसकर्मी के निजी खाते में ऑनलाइन भुगतान करने को कहा गया। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी की पहचान लाल बिहारी राम के रूप में बताते हुए कहा कि उनके पास भुगतान से जुड़े प्रमाण भी मौजूद हैं।
इन आरोपों से नाराज संजय सिंह गुरुवार को एसएसपी और डीसी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी कार खड़ी कर विरोध स्वरूप कार में बैठकर शराब पीते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
वीडियो वायरल होते ही लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर संबंधित पुलिसकर्मी यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि चालान की राशि पहले उसके निजी खाते में जमा कराई गई थी, जिसे बाद में सरकारी खाते में स्थानांतरित किया जाना था। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामला सार्वजनिक होने के बाद ट्रैफिक विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच की रिपोर्ट और अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
