जमशेदपुर: मानगो नगर निगम की राजनीति में नया घटनाक्रम सामने आया है। मेयर की कार्यशैली और पार्षदों की लगातार हो रही कथित अनदेखी से नाराज नगर निगम के 20 पार्षद एकजुट हो गए हैं।
इसी मुद्दे पर मानगो स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में सभी पार्षदों ने विकास कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराने और अधिकारों की रक्षा के लिए ‘पार्षद एकता मंच’ का गठन किया।
बैठक में सर्वसम्मति से पार्षद राजेश सिंह को मंच का अध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही मंच की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कई विकास योजनाएं लंबित हैं और जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है, जिससे वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि मंच का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल नगर निगम क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को गति देने, पार्षदों की समस्याओं के समाधान और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए की गई है।

बैठक में मौजूद पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर उनकी बातों को महत्व नहीं देतीं, जिसके कारण वार्डों की कई योजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लगातार विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछती है, लेकिन योजनाओं के लंबित रहने से उन्हें जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
पार्षदों ने निर्णय लिया कि ‘पार्षद एकता मंच’ के बैनर तले वे नगर निगम कार्यालय जाकर लंबित विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने का प्रयास करेंगे।
नगर निगम की राजनीति में इस मंच के गठन को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।