जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के पोटका में ब्रेन मलेरिया से हुई मौतों के बाद अब सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड से भी एक दुखद मामला सामने आया है। ईचागढ़ थाना क्षेत्र के नदीसाई पंचायत अंतर्गत घाघरी गांव की 8 वर्षीय बच्ची की ब्रेन मलेरिया से इलाज के दौरान एमजीएम अस्पताल में मौत हो गई।
इस घटना के बाद क्षेत्र में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को लेकर चिंता और गहरा गई है।
परिजनों के अनुसार बच्ची पिछले एक सप्ताह से तेज बुखार और अन्य लक्षणों से पीड़ित थी। शुरुआत में उसका इलाज स्थानीय स्तर पर कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे पातकुम स्थित ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां जांच में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई।
बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया। अस्पताल में लगातार इलाज के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।
आवश्यक चिकित्सकीय एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव लौट गए।
मृत बच्ची के पिता मागरा मुंडा ने बताया कि उनके परिवार में पांच संतानें हैं, जिनमें चार बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। मृतक बच्ची उनकी तीसरी संतान थी। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
कोल्हान क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया के लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
पोटका के बाद अब ईचागढ़ से सामने आई इस मौत ने संकेत दिया है कि मलेरिया का खतरा केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर तेजी से फैल रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच और इलाज कराने की अपील कर रहे हैं।