जमशेदपुर : डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन एलुमनाई एसोसिएशन ‘सेतु’ की ओर से एलुमनाई मॉडरेटर अमृता चौधरी के मार्गदर्शन में “प्रभावी संचार कौशल” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डी.बी.एम.एस. कदमा हाई स्कूल की नर्सरी एवं फाइन आर्ट शिक्षिका श्रीमती संगीता कौर ने किया। सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को संचार की अवधारणा तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उसके महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रज्ञा प्रियदर्शिनी द्वारा अतिथि वक्ता के स्वागत एवं परिचय के साथ हुई। उन्होंने श्रीमती संगीता कौर की शिक्षा और कला क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उनका परिचय कराया।
अपने संबोधन में श्रीमती संगीता कौर ने संचार के अर्थ और उसकी प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने संचार के प्रमुख घटकों—प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता और प्रतिपुष्टि (फीडबैक)—पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही संचार प्रवाह-चार्ट के माध्यम से प्रभावी संवाद में फीडबैक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने संचार में आने वाली बाधाओं जैसे अस्पष्टता, भाषा संबंधी अंतर, प्रभावी श्रवण की कमी, बाहरी व्यवधान और भावनात्मक अवरोधों पर भी विस्तार से चर्चा की तथा इन समस्याओं से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए।
शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया में संचार की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी संचार शिक्षक को विषयवस्तु को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने, विद्यार्थियों को प्रेरित करने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने, सहभागिता बढ़ाने और सकारात्मक कक्षागत वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में एलुमनाई सलाहकार श्रीप्रिया धर्मराजन, संयुक्त सचिव सुधा दिलीप, महाविद्यालय के प्राचार्य, उप-प्राचार्य, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह सत्र संवादात्मक, ज्ञानवर्धक और सभी प्रतिभागियों के लिए उपयोगी साबित हुआ।
अंत में आर्तिका ज्योति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने श्रीमती संगीता कौर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचारों और अनुभवों ने सभी को प्रभावी संचार के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया।


