August 11, 2026
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जमशेदपुर

शनिवार से होनेवाले रेल रोको आंदोलन से पहले डिमना में शक्ति प्रदर्शन, मशालों के साथ आदिवासी कुड़मी समाज का हुंकार

शनिवार से होनेवाले रेल रोको आंदोलन से पहले डिमना में शक्ति प्रदर्शन, मशालों के साथ आदिवासी कुड़मी समाज का हुंकार

जमशेदपुर : झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा 21 सितंबर से शुरू किए जा रहे अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन से पहले शुक्रवार की शाम डिमना में जोरदार मशाल जुलूस निकाला गया। आंदोलन की पूर्व संध्या पर आयोजित इस जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया और अपनी संवैधानिक मांगों को लेकर नारेबाजी की।

मानगो से डिमना चौक तक जुलूस

कार्यालय के समीप से प्रारंभ होकर डिमना चौक तक पहुंचा। मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने “हमारा अधिकार, हमारी पहचान”, “कुड़मी समाज को न्याय दो” जैसे नारों के साथ माहौल को आंदोलित कर दिया।

जुलूस के माध्यम से आंदोलन के प्रति जनजागरूकता फैलाते हुए गालूडीह रेलवे स्टेशन पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।

समाज के प्रतिनिधि रहे मौजूद

इस मशाल जुलूस में वीरेश महतो, निरंजन महतो, भक्त रंजन महतो, नीलकमल महतो, राजकुमार महतो, संजय कुमार महतो, वंशीधर महतो, निर्मल महतो, संतोष महतो, दल गोविंद महतो, विश्वनाथ महतो, मधुसूदन महतो सहित कई समाजसेवी एवं सक्रिय कार्यकर्ता शामिल रहे।

चार प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा के मद्देनजर मजिस्ट्रेट तैनात

धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी चंद्रजीत सिंह ने संभावित आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 12 कार्यपालक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। यह प्रतिनियुक्ति शुक्रवार शाम से ही प्रभावी कर दी गई है। हर स्टेशन पर तीन मजिस्ट्रेट तीन पाली में रहेंगे, आंदोलन के दौरान सड़क जाम की भी संभावना जताई गई है, सभी मजिस्ट्रेटों को स्थानीय थाना प्रभारी के साथ समन्वय में कार्य करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन अलर्ट, लेकिन आंदोलनकारी भी अडिग

जहां एक ओर प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सतर्क है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी कुड़मी समाज अपने मूलभूत अधिकारों और संवैधानिक मान्यता की मांग को लेकर आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।

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