सरायकेला- : सरायकेला-खरसावां जिले की चौका थाना पुलिस ने बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार कर डकैती की साजिश नाकाम कर दी। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल, जिंदा गोली, चाकू, दाउली, हथौड़ी, सात मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिल समेत कई सामान बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल में पूर्व की लूट की घटनाओं में छीने गए फोन भी शामिल हैं।
सोमवार को चौका थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मतकमडीह के चुटीयाखाल टोला स्थित बंद पड़े नव प्राथमिक विद्यालय, बरियाबेड़ा में कुछ अपराधी एकत्र होकर बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं।
सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनसा सिंह मुंडा, चम्बुराम मुंडा उर्फ चमुरा, सोमा मुंडा उर्फ सब्जी, देबेन मुंडा, सोमा मुंडा उर्फ करपा और रामजीत मुंडा उर्फ मंगरा मुंडा के रूप में हुई है।
पूछताछ में कई वारदातों का खुलासा
एसपी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौका थाना क्षेत्र में हुई कई आपराधिक घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 19 अगस्त को बनसा स्थित शराब दुकान में लूट के प्रयास और उरमाल स्थित माधुरी पेट्रोल पंप पर मोबाइल व रुपये लूटने की घटना में शामिल होने की बात कही है।
इसके अलावा 3 सितंबर को घाटदुलमी स्थित MOUNT 10 VIEW होटल में मोबाइल छीनने की वारदात में भी आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने इन घटनाओं से जुड़े तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
कई आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। चम्बुराम मुंडा उर्फ चमुरा के खिलाफ पूर्व में UAPA समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह की अन्य आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
कार्रवाई में चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार, कुचाई थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार मुंडा समेत चौका थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।