जमशेदपुर: सोनारी थाना क्षेत्र के खूंटाडीह बड़तल्ला निवासी 21 वर्षीय अजय कुमार यादव की मौत के मामले में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उसकी मां इंसाफ की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आहत होकर उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने समय रहते उन्हें रोक लिया।
परिजनों के मुताबिक, अजय कुमार यादव ने 26 जुलाई को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि एक युवती की ओर से कथित तौर पर मानसिक दबाव, ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग किए जाने के कारण अजय तनाव में था।
परिजनों का कहना है कि अजय पहले युवती के संपर्क में था, लेकिन बाद में उसने उससे दूरी बना ली थी। इसके बावजूद कथित रूप से युवती लगातार उससे संपर्क कर दबाव बनाती रही।
अजय के मामा रिंकू यादव ने बताया कि घटना से एक दिन पहले अजय और युवती के बीच विवाद भी हुआ था। इसके अगले दिन अजय ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की मां का कहना है कि बेटे की मौत के बाद से वह लगातार पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई नजर नहीं आई है।
उन्होंने अजय के मोबाइल फोन की गहन जांच कराने की मांग की है। परिवार का दावा है कि मोबाइल में घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। परिजनों ने यह भी कहा कि उनके पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच के लिए पुलिस को सौंपने को तैयार हैं।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, युवती पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
अजय की मौत के वास्तविक कारण और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका का पता पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही चल सकेगा।