हजारीबाग : झारखंड के कई जिलों में रविवार को कई सड़क हादसों में लोगो जान गई। पूर्वी सिंहभूम जिले में दो युवकों और हजारीबाग में चालक और खलासी की मौत हो गई।
हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित दनुआ घाटी में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। घाटी के खतरनाक मोड़ पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
दुर्घटना में ट्रक के चालक और खलासी की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले थे।
हादसे की सूचना मिलते ही चौपारण थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। दुर्घटना के बाद ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित हुआ ट्रक
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रक दनुआ घाटी से गुजर रहा था। इसी दौरान घाटी के एक तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद ट्रक सड़क किनारे लगी सीमा से नीचे उतरते हुए गहरी खाई में जा गिरा।
हादसा इतना भीषण था कि चालक और खलासी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। हादसा तेज रफ्तार, वाहन में तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या किसी अन्य वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
बिहार के चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे मृतक
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतकों के बिहार के चंपारण जिले के निवासी होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दोनों की पूरी पहचान और पते की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस उनके परिजनों को सूचना देगी।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ट्रक कहां से आ रहा था और उसे किस स्थान पर जाना था। वाहन के कागजात और अन्य विवरणों की भी जांच की जा रही है।
दनुआ घाटी में लगातार हो रहे हादसों से बढ़ी चिंता
चौपारण की दनुआ घाटी लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र मानी जाती है। घाटी में कई जगह तीखे मोड़ और ढलान हैं, जहां भारी वाहनों के चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। इससे पहले भी यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
लगातार हादसों को देखते हुए स्थानीय लोग दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते रहे हैं। लोगों का कहना है कि घाटी में पर्याप्त चेतावनी संकेतक, सुरक्षा अवरोधक और गति नियंत्रण से जुड़े उपाय किए जाने चाहिए।
सड़क सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित सड़क प्राधिकरण से दनुआ घाटी के संवेदनशील हिस्सों का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि तीखे मोड़ों पर स्पष्ट संकेतक लगाने के साथ भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही ट्रक दुर्घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।