August 28, 2026
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बारुईपुर एनकाउंटर पर सियासत तेज, विपक्ष ने भाजपा सरकार पर ‘यूपी मॉडल’ अपनाने का लगाया आरोप

बारुईपुर एनकाउंटर पर सियासत तेज, विपक्ष ने भाजपा सरकार पर ‘यूपी मॉडल’ अपनाने का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। इस घटना के बाद विपक्षी दलों, खासकर तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ ‘उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर मॉडल’ को अपना रही है।

यह प्रतिक्रियाएं बारुईपुर मामले के आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद सामने आई हैं।

तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि बारुईपुर मामले में गिरफ्तार आरोपी भाजपा और आरएसएस से जुड़े हुए थे। अब एक-एक कर उनकी मौत हो रही है। एक आरोपी की भीड़ के हमले में मौत हुई, जबकि दूसरे की आधी रात को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई।”

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “आरोपी को आधी रात में बाहर क्यों ले जाया गया? पुलिस हिरासत में मौजूद किसी व्यक्ति को शाम से सुबह के बीच बाहर नहीं ले जाया जा सकता।”

कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को इसलिए मार रही है ताकि वे यह न बता सकें कि उनका संबंध भाजपा से है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली का अनुसरण कर रही है।”

तृणमूल सांसद सौगात रॉय ने कहा, “मैं इस पूरी घटना की कड़ी निंदा करता हूं। पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी पेश की है। एनकाउंटर मामलों में अक्सर यही कहा जाता है कि आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था और पुलिस को गोली चलानी पड़ी।”

उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि यहां भी पुलिस ने उत्तर प्रदेश की तरह एनकाउंटर की परंपरा शुरू कर दी है। हम चाहते हैं कि पूरी सच्चाई जनता के सामने आए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”

वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने नाबालिग के साथ हुई घटना को दुखद बताते हुए कहा, “आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी सरकार को एनकाउंटर करने का अधिकार नहीं है। सजा देने के लिए अदालत है। अदालत चाहे तो उम्रकैद दे सकती है या फांसी की सजा भी सुना सकती है।”

उन्होंने कहा कि एनकाउंटर कानून के खिलाफ है और हर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘डबल इंजन सरकार के साथ सोनार बांग्ला’ का वादा किया था।

उन्होंने कहा, “हाथरस और उन्नाव जैसी घटनाओं की तरह अब बारुईपुर मामला भी डबल इंजन सरकार के दौर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की सूची में शामिल हो गया है।”

वहीं, पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, “गिरफ्तार आरोपी जांच के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था और उसने एक पुलिस अधिकारी की बंदूक छीनने का प्रयास किया। ऐसे अपराधियों के साथ पुलिस क्या कर सकती थी?”

उन्होंने कहा कि यह घटना स्पष्ट संदेश देती है कि पश्चिम बंगाल सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मामले में शामिल सभी आरोपियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

एएमटी

 

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