July 27, 2026
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पश्चिम सिंहभूम: रामहरि गोप दुष्कर्म मामला नए मोड़ पर, ग्राम सभा और थाने में महिला ने बदला बयान

पश्चिम सिंहभूम: रामहरि गोप दुष्कर्म मामला नए मोड़ पर, ग्राम सभा और थाने में महिला ने बदला बयान

महिला बोली- रामहरि गोप को जानती तक नहीं, दबाव में लगवाया गया था आरोप; ग्राम सभा में उठे कई सवाल

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में सामाजिक कार्यकर्ता रामहरि गोप पर दर्ज दुष्कर्म के आरोप के मामले में बड़ा नया मोड़ सामने आया है। चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सायतबा गांव की महिला, जिसने पहले रामहरि गोप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, अब अपने आरोपों से पीछे हट गई है। महिला ने ग्राम सभा और बाद में थाना पहुंचकर कहा कि उसने दबाव में आकर बयान दिया था।

मामले के सामने आने और समाचार प्रकाशित होने के बाद गांव के लोगों और सामाजिक संगठनों ने अपने स्तर पर पूरे प्रकरण की सच्चाई जानने की पहल की। इसी सिलसिले में 17 मई को सायतबा गांव में ग्रामीण मुंडा जोंको कायम की अध्यक्षता में ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गांव के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

ग्राम सभा में महिला ने बदला बयान

ग्राम सभा के दौरान महिला ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह रामहरि गोप को न तो जानती है और न ही पहचानती है। महिला का कहना था कि सिंगराय कायम नामक व्यक्ति उसे उसके मृत पति के मुआवजा और विधवा पेंशन दिलाने के बहाने 9 मई 2026 को चाईबासा लेकर गया था।

महिला ने आरोप लगाया कि उसे पहले यह जानकारी नहीं दी गई थी कि उसे थाना ले जाया जाएगा। उसके अनुसार थाना पहुंचने के बाद उस पर दबाव बनाकर रामहरि गोप के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाने को कहा गया। महिला ने यह भी बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में थाना से एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से उसे और सिंगराय कायम को गांव छोड़ गया।

ग्राम सभा में सिंगराय कायम की भूमिका पर उठे सवाल

ग्राम सभा में मौजूद लोगों ने जब सिंगराय कायम से पूछताछ की तो उसने कहा कि वह पुलिस के कहने पर महिला को थाना लेकर गया था। हालांकि उसने यह भी कहा कि थाना में आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी उसे स्पष्ट जानकारी नहीं है।

ग्रामीणों ने मामले में सिंगराय कायम की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उस पर सवाल उठाए। ग्राम सभा में सामाजिक स्तर पर उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी चर्चा हुई।

रामहरि गोप बोले- लोकप्रियता से घबराकर रची गई साजिश

इधर, रामहरि गोप ने पूरे मामले को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यों और जनता के बीच बढ़ते प्रभाव से परेशान कुछ लोग उन्हें झूठे मामले में फंसाकर बदनाम करना चाहते हैं।

रामहरि गोप ने कहा कि संबंधित महिला किसी के दबाव और बहकावे में आकर बयान देने को मजबूर हुई थी। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के झूठे मामलों से न केवल किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।

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