रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के आगामी चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच चैंबर के पूर्व महासचिव और वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अभिषेक कुमार रामाधीन ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी की औपचारिक घोषणा करते हुए व्यापक विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि FJCCI को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और सदस्य-केंद्रित संगठन बनाते हुए झारखंड को व्यापार, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।
व्यापारियों की सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. रामाधीन ने कहा कि किसी भी राज्य में व्यापार तभी विकसित हो सकता है, जब कारोबारी खुद को सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उनकी टीम को जिम्मेदारी मिलती है तो रंगदारी, चोरी, साइबर अपराध और व्यापारियों के खिलाफ होने वाली आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय किया जाएगा। उनका कहना था कि चैंबर केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला परिणाम आधारित संगठन बनेगा।
सरकारी विभागों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए बनेगा प्रभावी तंत्र
उन्होंने कहा कि व्यापारियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए चैंबर में एक सशक्त सहायता एवं समन्वय व्यवस्था विकसित की जाएगी। जीएसटी, बिजली, श्रम, नगर निकाय, प्रदूषण नियंत्रण, उद्योग विभाग समेत अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
आधारभूत संरचना और बिजली व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर
डॉ. रामाधीन ने कहा कि निर्बाध बिजली, बेहतर सड़कें, सुगम परिवहन और आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना आर्थिक विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को सरकार के समक्ष लगातार मजबूती से उठाया जाएगा ताकि उद्योग और व्यापार को बेहतर वातावरण मिल सके।
Orange Economy और Blue Economy पर रहेगा फोकस
उन्होंने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा का राज्य नहीं बल्कि असीम संभावनाओं का प्रदेश है। राज्य की जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, पर्यटन, लोककला, संगीत, फिल्म, डिजाइन, डिजिटल कंटेंट और स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देकर हजारों रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। इसके साथ ही जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, मत्स्य पालन, जल पर्यटन, जल संरक्षण और जल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।
AI, स्टार्टअप और मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. रामाधीन ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था ज्ञान और तकनीक आधारित होगी। उन्होंने बताया कि FJCCI सरकार, उद्योग जगत, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स के बीच सेतु की भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उद्योग, हेल्थकेयर एवं मेडिकल टूरिज्म, डिजिटल सेवाएं, स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्किल डेवलपमेंट, MSME आधुनिकीकरण और नवाचार आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे अवसर
उन्होंने कहा कि झारखंड के प्रतिभाशाली युवा अवसरों के अभाव में राज्य से बाहर जाने को मजबूर होते हैं। उनका प्रयास रहेगा कि निवेश आकर्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जाएं, ताकि युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिल सके।
पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा चैंबर
उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्योगपति तक सभी सदस्यों की समस्याओं को समान प्राथमिकता दी जाएगी। संगठन को पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक आधारित और पूरी तरह सदस्य-केंद्रित बनाया जाएगा।
अनुभव और स्वास्थ्य सेवा का भी मिलेगा लाभ
डॉ. रामाधीन ने कहा कि महासचिव के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने चैंबर के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों को करीब से समझा है। वे लगातार पाँच चुनावों से कार्यकारिणी सदस्य चुने जाते रहे हैं। व्यवसाय के साथ-साथ वे स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और वर्तमान में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), रांची के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी योगदान दिया है।
पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
डॉ. रामाधीन ने कहा कि उनके पिता एवं फेडरेशन चैंबर के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय आर.डी. सिंह ने चैंबर को केवल व्यापारियों का संगठन नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास का प्रभावी मंच बनाया था। उन्होंने कहा कि सेवा, ईमानदारी और संगठन की उसी परंपरा को आधुनिक सोच, नई तकनीक और विकास की नई दृष्टि के साथ आगे बढ़ाना उनका संकल्प है।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल FJCCI का चुनाव जीतना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत और दूरदर्शी चैंबर बनाना है, जो प्रत्येक व्यापारी, उद्यमी और झारखंड के आर्थिक विकास का विश्वसनीय साझेदार बने। “सुरक्षित व्यापार, सक्षम उद्योग और समृद्ध झारखंड” को उन्होंने अपनी प्राथमिक प्रतिबद्धता बताया।