जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, चरित्र और संस्कार को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा के समापन का अवसर भर नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी गौरव का क्षण है।
राज्यपाल ने कहा कि शैक्षणिक डिग्री जीवन में आगे बढ़ने के लिए नए अवसर उपलब्ध कराती है, लेकिन किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी प्रतिभा, चरित्र, व्यवहार और मूल्यों से होती है।
उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ प्रशासन, विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग, खेल, शोध और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सफलता की राह हमेशा आसान नहीं होती। जीवन में कई बार असफलता और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इन्हीं अनुभवों से व्यक्ति को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
छात्राओं को असफलताओं से निराश होने के बजाय निरंतर प्रयास करते रहने और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की सलाह दी।
1,990 छात्राओं को मिलीं उपाधियां
दीक्षांत समारोह के दौरान जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की 1,990 छात्राओं को विभिन्न उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार, कुलसचिव डॉ. सलोनी कुजूर सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
नई शिक्षा नीति और विकसित भारत का किया उल्लेख
अपने संबोधन में राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को केवल रोजगार हासिल करने तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, शोध और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है।
राज्यपाल ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने में शिक्षित, आत्मनिर्भर और सक्षम बेटियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने छात्राओं से अपनी शिक्षा और सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखने, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास से जोड़ने की अपील की।
डिग्री के साथ बदलाव का संकल्प लेकर निकलें छात्राएं
राज्यपाल ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड की बेटियों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय से केवल डिग्री लेकर न निकलें, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कार, नैतिक मूल्यों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ें।