जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति का ध्यान आकृष्ट कराया है।
मामले को लेकर महासंघ के महामंत्री विश्वम्भर यादव ने मंगलवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
महासंघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन का न केवल ध्यान आकृष्ट कराया गया है बल्कि पूर्व में भी कई बार आवेदन दिया गया लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन के अनुसार, इस संबंध में 21 अप्रैल 2026 को कुलसचिव, 25 मई 2026 को कुलपति को आवेदन दिया गया था। इसके बाद 29 जुलाई 2026 को कुलपति को अनुस्मारक भी सौंपा गया, जिसकी प्रतिलिपि कुलसचिव और प्रॉक्टर को दी गई थी।
इसके बावजूद मामलों के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होने का आरोप महासंघ ने लगाया है।
पात्र कर्मचारियों को ACP और MACP का लाभ मिले
महासंघ ने विश्वविद्यालय के पात्र शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नियमानुसार ACP और MACP का लाभ देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे संबंधित कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, इसलिए उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाना चाहिए।
इसके अलावा महासंघ ने पदों के पुनर्गठन और पुनर्संरचना के बाद कर्मचारियों को उनके संबंधित पदों के अनुरूप जिम्मेदारी सौंपने की मांग भी की है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के 29 अप्रैल 2026 के पत्रांक 899 का हवाला देते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक का मुद्दा भी उठाया
महासंघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक से जुड़ी समस्या को भी राज्यपाल के समक्ष रखा है। ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने आदेश संख्या 478 के तहत 17 फरवरी 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी किया था। महासंघ का आरोप है कि उक्त आदेश को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में अब तक लागू नहीं किया गया है।
संगठन ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए वित्त विभाग के आदेश के कथित अनुपालन नहीं होने की जांच और आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है। साथ ही विश्वविद्यालय की कुलपति को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।
महासंघ ने कहा कि शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से जुड़े सभी लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को उनके अधिकार और नियमानुसार मिलने वाले लाभ मिल सकें।
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से महासंघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है। महासंघ को राज्यपाल से उम्मीदें हैं।