गम्हरिया : सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत खरकई लिफ्ट सिंचाई योजना के कमांड एरिया डेवलपमेंट को प्रभावी बनाने और सिंचाई व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए जल उपभोक्ता समितियों का गठन किया गया है। ग़ाज़िया बराज स्थित परियोजना परिसर में आयोजित ग्राम सभा में किसानों की भागीदारी से समितियों का गठन किया गया।
ग्राम सभा की अध्यक्षता परियोजना के अधीक्षण अभियंता सह राज्य नोडल पदाधिकारी कुमार अरविंद ने की। योजना के तहत प्रत्येक पांच हेक्टेयर क्षेत्र से एक प्रतिनिधि का चयन किया गया। कुल 226 प्रतिनिधियों की भागीदारी से 17-17 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन अगले तीन वर्षों के लिए किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, जल उपभोक्ता समितियां योजना के संचालन, रख-रखाव और सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
समितियों के गठन के लिए चुनाव कराया गया, जिसकी निगरानी खरकई नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता दुर्गाचरण मार्डी और जिला कृषि पदाधिकारी अमित सुमन ने की।
गम्हरिया क्लस्टर समिति का गठन
गम्हरिया अंचल के भूवा, उदयपुर, गंजिया, नुवागढ़, बाँसलीकोचा, सामरम, उज्जवलपुर, नयाडीह, तिरला और आदित्य प्रतापपुर समेत 10 गांवों के प्रतिनिधियों को मिलाकर गम्हरिया क्लस्टर समिति बनाई गई।
समिति में पर्वती सरदार को अध्यक्ष, बेनी माधव महतो और बुद्धेश्वर गोराई को उपाध्यक्ष, रामकृष्ण महतो को सचिव तथा चिरंदीता सरदार को कोषाध्यक्ष चुना गया।
भीमखांदा समिति में भी पदाधिकारियों का चयन
वहीं, राजनगर अंचल के जोटा, संगाजोटा, लिपंगटांड़, भरतपुर, गोपालपुर, मुण्डाकाटी, गेंगरुली, छोटा कुनाबेरा, बड़ा कुनाबेरा, सोसोडीह और चबरबादा गांवों के प्रतिनिधियों को मिलाकर भीमखांदा समिति का गठन किया गया।
इस समिति में रुद्र प्रताप को अध्यक्ष, जोबा रानी सोरेन और ललिता महतो को उपाध्यक्ष, प्रभात कुमार महतो को सचिव तथा रानी मार्डी को कोषाध्यक्ष चुना गया।
अधिकारियों ने कहा कि जल उपभोक्ता समितियों की त्रिस्तरीय व्यवस्था से किसानों की सीधे सिंचाई प्रबंधन में भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे खेतों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने, सिंचाई व्यवस्था की निगरानी और परियोजना के ढांचागत रख-रखाव को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।