जमशेदपुर। सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) ने 1 और 2 सितंबर 2026 को दो दिवसीय ओडिशा दौरे का आयोजन किया। करीब 50 पदाधिकारियों, कार्यसमिति सदस्यों और व्यवसायियों के इस प्रतिनिधिमंडल ने पुरी और भुवनेश्वर में आध्यात्मिक, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
दौरे के दौरान वरुण बेवरेजेस के पेप्सी प्लांट का औद्योगिक भ्रमण, ओडिशा चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ बैठक तथा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे राष्ट्रीय विषय पर IIM लखनऊ के डीन के साथ ऑनलाइन संवाद प्रमुख आकर्षण रहे।
पुरी में जगन्नाथ मंदिर के दर्शन, हुई एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक
दौरे के पहले दिन प्रतिनिधिमंडल ने पुरी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। इसके बाद चैम्बर की नौवीं एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में चैम्बर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई और संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

भुवनेश्वर में पेप्सी प्लांट का औद्योगिक भ्रमण
दूसरे दिन प्रतिनिधिमंडल ने भुवनेश्वर के खुर्दा रोड स्थित वरुण बेवरेजेस के पेप्सी प्लांट का दौरा किया। प्लांट हेड ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और पेप्सी सहित अन्य पेय उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने प्री-फॉर्म से बोतल तैयार करने, उसमें पेय पदार्थ भरने और पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा। सदस्यों ने प्लांट में अपनाई जा रही तकनीक और उत्पादन व्यवस्था के बारे में भी जानकारी हासिल की।
चैम्बर के सदस्यों के मुताबिक, वर्ष 2024 में स्थापित इस प्लांट को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ प्लांट का पुरस्कार मिलना भी खास उपलब्धि है।
लिंगराज मंदिर में दर्शन के बाद ओडिशा चैम्बर से बैठक
औद्योगिक भ्रमण के बाद प्रतिनिधिमंडल ने भुवनेश्वर स्थित भगवान लिंगराज मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद शाम को ओडिशा चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
ओडिशा चैम्बर के अध्यक्ष डॉ. तपस पांडा और सचिव ने सिंहभूम चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। बैठक में दोनों राज्यों के व्यापार एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाने, व्यावसायिक संपर्क मजबूत करने और भविष्य में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
IIM लखनऊ के डीन के साथ ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर संवाद
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल को IIM लखनऊ के डीन के साथ ऑनलाइन संवाद का अवसर भी मिला। इस दौरान ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ विषय पर विचार और सुझाव साझा किए गए। चैम्बर के सदस्यों के लिए यह संवाद व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ नीतिगत और बौद्धिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा।
फरवरी 2027 में Mining Fair & Expo में भागीदारी का निमंत्रण
ओडिशा चैम्बर के अध्यक्ष डॉ. तपस पांडा ने बताया कि फरवरी 2027 में भुवनेश्वर में Mining Fair & Expo का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने सिंहभूम चैम्बर को आयोजन में सहयोग और सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। साथ ही खनन एवं संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों में दोनों संस्थाओं के संयुक्त रूप से काम करने की संभावना पर भी जोर दिया।
मानव केडिया ने कहा- नए उद्योग और व्यावसायिक अवसरों से सदस्यों को जोड़ना प्राथमिकता
सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि ओडिशा दौरा संगठन के लिए व्यापक दृष्टिकोण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा में आध्यात्मिकता, संगठनात्मक कार्य, औद्योगिक अनुभव और व्यावसायिक सहयोग को एक साथ जोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि वरुण बेवरेजेस के आधुनिक प्लांट का भ्रमण सदस्यों के लिए काफी ज्ञानवर्धक रहा। वहीं ओडिशा चैम्बर के साथ हुई बैठक ने झारखंड और ओडिशा के उद्योग एवं व्यापार जगत के बीच सहयोग की नई संभावनाएं सामने रखी हैं। भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सदस्यों को नए उद्योगों, तकनीकों और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना चैम्बर की प्राथमिकता रहेगी।
महासचिव पुनीत कौंटिया ने कहा कि यह दौरा केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीखने, नए लोगों और संस्थाओं से जुड़ने तथा नए अवसर तलाशने का समग्र प्रयास था। उन्होंने कहा कि एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग, मंदिर दर्शन, औद्योगिक भ्रमण, ओडिशा चैम्बर के साथ संवाद और IIM लखनऊ के डीन के साथ नीतिगत चर्चा ने पूरे कार्यक्रम को विशेष बनाया।
उन्होंने Mining Fair & Expo में ओडिशा चैम्बर के साथ संभावित सहयोग को दोनों संस्थाओं के बीच मजबूत होते संबंधों का सकारात्मक संकेत बताया।
करीब 50 सदस्य रहे शामिल
दो दिवसीय दौरे में चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया, महासचिव पुनीत कौंटिया, उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल और हर्ष बांकरेवाल, सचिव भारत मकानी, अंशुल रिंगासिया, बिनोद शर्मा और सुरेश शर्मा, को-ऑप्टेड सदस्य नंद किशोर अग्रवाल और मनोज गोयल सहित आनंद चौधरी, रवि कांत, कौशिक मोदी, प्रतीक अग्रवाल, विष्णु गोयल, अभिषेक नरेड़ी, राहुल अग्रवाल, सुनील जायसवाल, पवन नरेड़ी, मोहित मूनका, जेपी हीरवाल, सुनील बारगोदिया, उमेश खिरवाल, अशोक अग्रवाल, काली शर्मा, महेश सांघी, बबलू अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, राजेश जैसुका, दीपक पटवारी, रमेश अग्रवाल, शंकर सोनी, शुभम सेन, मुकेश मित्तल समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।
सिंहभूम चैम्बर के इस दौरे में संगठनात्मक बैठक, धार्मिक दर्शन, औद्योगिक अध्ययन, नीतिगत संवाद और अंतरराज्यीय व्यापारिक सहयोग को एक मंच पर लाया गया। इससे सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत होने के साथ झारखंड और ओडिशा के व्यापार एवं उद्योग जगत के बीच भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।