पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की कार्रवाई लगातार जारी है। विजिलेंस की टीम ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDCL) के पूर्णिया में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता द्विजेंद्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी गुरुवार को पटना के बेली रोड स्थित नेहरू पथ पर पटना जू के समीप गोल्फ क्लब के गेट के पास की गई।
तीन लाख रुपये कमीशन की थी मांग
निगरानी ब्यूरो के मुताबिक पटना निवासी राम सागर शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने BSEIDCL के माध्यम से कटिहार जिले के एक सरकारी विद्यालय में निर्माण कार्य कराया था। इस कार्य के प्रथम भुगतान के तौर पर उनके बैंक खाते में 1,54,19,329 रुपये की राशि भेजी गई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि भुगतान की राशि के एवज में कार्यपालक अभियंता ने दो प्रतिशत कमीशन के रूप में तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद 2 सितंबर को निगरानी थाना कांड संख्या 104/26 दर्ज किया गया। मामले में कार्रवाई के लिए धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी कार्यपालक अभियंता को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
आवास की तलाशी में 8.36 लाख रुपये नकद मिले

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के रूपसपुर स्थित लखन इन्क्लेव आवास की भी तलाशी ली। इस दौरान 8.36 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा रूपसपुर स्थित एक फ्लैट और करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जांच टीम के हाथ लगे हैं।
तलाशी के दौरान एक हुंडई आई-20 कार, दो बैंक लॉकर से संबंधित कागजात तथा सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। बरामद आभूषणों का मूल्यांकन कराया जा रहा है।
यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक अणु प्रिया के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक विकाश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने की। विजिलेंस अब आरोपी की संपत्ति और बरामद दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।