जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वार्षिक बोनस को लेकर चल रही मैराथन वार्ता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, कल यानी गुरुवार, 3 सितंबर को दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक बोनस समझौता संपन्न होने की पूरी संभावना है।
इस वर्ष के समझौते के तहत कंपनी के प्रॉफिट का 1.5% हिस्सा बोनस मद में खर्च किए जाने का अनुमान है। इसके अलावा, कर्मचारियों की कार्यकुशलता (प्रोडक्टिविटी) और कार्यस्थल की सुरक्षा (सेफ्टी) जैसे महत्वपूर्ण पैमानों को भी बोनस के निर्धारण में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
शहर भर की टिकी निगाहें
टाटा वर्कर्स यूनियन से जुड़े हजारों कर्मचारियों समेत पूरे जमशेदपुर शहर की सांसें इस फैसले पर टिकी हुई हैं।
परंपरा के अनुसार, टाटा स्टील का बोनस समझौता तय होने के बाद ही शहर की अन्य औद्योगिक इकाइयों और कंपनियों में भी बोनस वार्ताओं को गति मिलती है, जिसके बाद स्थानीय अर्थव्यवस्था में हलचल तेज हो जाती है।
बाजार में आएगी बहार
कारोबारियों में उत्साह: टाटा स्टील के कर्मचारियों के हाथों में बोनस की राशि आने से जमशेदपुर के ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिलती है।
त्योहारी माहौल: स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों की नजरें इस बात पर हैं कि इस बार कर्मचारियों को कितनी राशि मिलेगी, जिससे शहर के बाजारों में त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू हो सके।
गुरुवार को होने वाली इस अंतिम बैठक के बाद बोनस के फॉर्मूले और मिलने वाली अनुमानित राशि की आधिकारिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।