*एनजीटी के आदेश पर जारी है अतिक्रमण हटाओ अभियान
*वार्ड नंबर 10 में चार घरों को मिनी जेसीबी से तोड़ा, दो ने खुद तोड़ लिए
जमशेदपुर: मानगो में स्वर्णरेखा नदी के किनारे सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को लगातार दूसरे दिन बुलडोजर अभियान चलाया गया। एनजीटी के आदेश के बाद जमशेदपुर अंचल की ओर से चलाए जा रहे अभियान में वार्ड नंबर आठ और 10 में बने सात पक्के मकानों को जेसीबी की मदद से तोड़ा गया। वहीं, दो लोगों ने अपने कच्चे मकान खुद ही हटा लिए।
शुक्रवार को ओल्ड पुरुलिया रोड में स्वर्णरेखा नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। शनिवार को भी अभियान जारी रहा। वार्ड आठ में तीन और वार्ड 10 में चार पक्के मकानों को तोड़ा गया।
खटाल के लिए बनाए गए मकानों पर भी कार्रवाई
वार्ड नंबर आठ में चाणक्यपुरी के नीचे भालू यादव, महेंद्र यादव और रमेश यादव के मकानों पर कार्रवाई की गई। तीनों पशुपालन और दूध कारोबार से जुड़े हैं और उन्होंने वहां खटाल बना रखा था। शनिवार को इन तीनों निर्माणों के दो-तिहाई से अधिक हिस्से को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।
वहीं, वार्ड नंबर 10 में सुरेंद्र यादव, शंकर यादव, अखई केवट और मनोहर केवट के घरों को तोड़ा गया। नवीन रूहीदास और राजू राय ने अपने कच्चे मकान स्वयं ही हटाए।
बड़े जेसीबी के लिए रास्ता नहीं, मिनी जेसीबी से हुई कार्रवाई
शनिवार को मानगो के अंचलाधिकारी ब्रजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने वाली टीम वार्ड नंबर 10 के बैकुंठनगर इलाके में पहुंची। यहां रास्ता संकरा होने के कारण बड़ा जेसीबी मशीन मौके तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद मिनी जेसीबी की मदद से मकानों को तोड़ा गया।
कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों की ओर से कोई बड़ा विरोध नहीं हुआ। हालांकि कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया कि उनके आसपास के कुछ मकानों को छोड़कर उनके घरों पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है।
अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर बने चिन्हित 16 मकानों पर कार्रवाई की जा रही है। रैयती जमीन पर बने मकानों के मामले में मानगो नगर निगम को कार्रवाई करनी है। वार्ड आठ में सरकारी जमीन पर तीन और वार्ड 10 में 13 मकान चिन्हित किए गए हैं। इनमें से सात मकानों पर कार्रवाई होना अभी बाकी है।
संकरी सड़क के कारण साई सूरज आश्रम पर नहीं हो सकी कार्रवाई
वार्ड नंबर 10 में नदी तट के अतिक्रमण की सूची में साई सूरज आश्रम भी शामिल है। आश्रम के करीब 100 गुणा 40 फीट हिस्से को हटाया जाना है। हालांकि मौके तक पहुंचने वाली सड़क काफी संकरी होने के कारण जेसीबी वहां तक नहीं पहुंच सकी।
मशीन को बिना कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, आश्रम के हिस्से को हटाने के लिए वाइब्रेटर की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद वहां भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।