जमशेदपुर: मानगो मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बालीगुमा स्थित वास्तु विहार में एक महिला ने पांच नामजद समेत अन्य लोगों पर घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश, नाबालिग बच्चे को जबरन ले जाने का प्रयास और सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया है। मामले में MGM थाना में FIR संख्या 0092/2026 के तहत 9 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता अलका कुमारी, पति आशुतोष कुमार, डुप्लेक्स नंबर 6A, वास्तु विहार, बालीगुमा की रहने वाली हैं।
उन्होंने 9 अगस्त को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर बताया कि 7 अगस्त की रात करीब 10 बजे शिक्षक सतीश प्रसाद, सविता प्रसाद, राजीव कुमार सिन्हा, नीलम देवी और अनीश कुमार समेत कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे।
घर में घुसकर मारपीट और गला दबाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने कथित तौर पर घर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान उनके पति के बारे में पूछते हुए धमकी देने का भी आरोप है।
महिला का कहना है कि विरोध करने पर सतीश प्रसाद ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और उनके साथ मारपीट की। शिकायत में गला दबाकर जान से मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है।
बच्चे को ले जाने की कोशिश और डेढ़ लाख की चेन छीनने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके नाबालिग बच्चे को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया गया। बच्चे को बचाने की कोशिश के दौरान उनके गले से सोने की चेन कथित तौर पर छीन ली गई। चेन की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है।
शोर सुनकर महिला के पति आशुतोष कुमार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद महिला और उसके बच्चे को बचाया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को घटना से संबंधित फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने की जानकारी भी दी है।
एक दिन पहले भी विवाद का आरोप
शिकायत में महिला ने बताया है कि घटना से एक दिन पहले 6 अगस्त को राजीव कुमार सिन्हा और नीलम देवी द्वारा उनके पति के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और विवाद किया गया था। इसके बाद सोसाइटी की बैठक को लेकर भी विवाद होने की बात कही गई है।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 126(2), 115(2), 74, 303(2), 352 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। FIR के अनुसार, मामले की जांच की जिम्मेदारी सहायक उप-निरीक्षक Md. Majiduddin को सौंपी गई है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच, फोटो और वीडियो साक्ष्यों की जांच तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने और अपने नाबालिग बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।