चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के डेबरासाई गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसी दोनों महिलाओं को परिजन इलाज के लिए ओडिशा के चंपुआ अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, डेबरासाई गांव निवासी शुक्रमणि हेंब्रम (33 वर्ष), पति कानू हेंब्रम, अपने घर के पास खड़ी थीं। वहीं दशमती हेंब्रम (20 वर्ष), पति बामिया हेंब्रम, अपने घर की दीवार पर चढ़ी हुई थीं।
इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और दोनों इसकी चपेट में आ गईं। वज्रपात से दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को इलाज के लिए ओडिशा के चंपुआ अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतकों के आश्रितों को शीघ्र सरकारी मुआवजा, आपदा राहत राशि तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
पश्चिमी सिंहभूम में पहले भी हो चुके हैं वज्रपात के हादसे
पश्चिमी सिंहभूम जिला हर वर्ष मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाओं से प्रभावित रहता है। जिले के जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, मनोहरपुर, टोंटो, गोइलकेरा, चाईबासा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान जा चुकी है। खेतों में काम कर रहे किसान, खुले स्थानों पर मौजूद ग्रामीण और कच्चे मकानों में रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
मौसम विभाग भी मानसून के दौरान गर्जन, वज्रपात और तेज बारिश को लेकर समय-समय पर अलर्ट जारी करता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्जन सुनाई देने पर लोग खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और ऊंचे स्थानों से दूर रहें तथा सुरक्षित भवन के अंदर शरण लें।