ज़िद

ज़िद है आगे बढ़ने की,
सबको पीछे छोड़कर
नया इतिहास गढ़ने की।

ज़िद है मज़बूत बनने की,
हर मुश्किल का सामना करने की,
गिरकर भी हौसला बनाए रखने की।

ज़िद है आगे बढ़ने की,
ज़िद है चिड़िया बनकर
आसमान में उड़ने की,
अपने ख़्वाबों को पंख देने की।

ज़िद है खुद को बेहतर करने की,
ज़िद है हर दिन कुछ नया करने की,
ज़िद है बस आगे बढ़ते रहने की…

— प्रिया कुमारी

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