August 15, 2026
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अंतर्राष्ट्रीय मगही साहित्यिक कार्यक्रम में दो प्रमुख लेखकों का सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय मगही साहित्यिक कार्यक्रम में दो प्रमुख लेखकों का सम्मान

क्षेत्रीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए लेखकों को ‘मगही रत्न’ प्राप्त हुआ

प्रमुख बिंदु:

  • 231वां अंतर्राष्ट्रीय मगही चौपाल भाषा और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाता है
  • मिथिलेश ‘मगधेश’ और जय प्रकाश को मगही रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया
  • इस आयोजन में कई राज्यों और साहित्यिक हस्तियों ने भाग लिया

नवादा – विश्व मगही परिषद ने क्षेत्रीय साहित्य और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाते हुए अपने ऐतिहासिक 231वें अंतर्राष्ट्रीय मगही चौपाल की मेजबानी की।

साहित्य विशेषज्ञ इसे मगही लेखकों की सबसे बड़ी सभाओं में से एक मानते हैं। हाल के अध्ययन क्षेत्रीय साहित्य संरक्षण में बढ़ती रुचि दिखाते हैं।

पुरस्कार प्राप्तकर्ता

‘सारथी’ पत्रिका के प्रधान संपादक मिथिलेश ‘मगधेश’ को प्रतिष्ठित सम्मान मिला. सांस्कृतिक इतिहासकार उनके दशकों के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हैं।

इस बीच, प्रसिद्ध गीतकार जय प्रकाश ने अपने काम से पहचान हासिल की। शोध से पता चलता है कि मगही गाने 40 मिलियन से अधिक वक्ताओं तक पहुंचते हैं।

सांस्कृतिक प्रदर्शन

इस कार्यक्रम में कविता पाठ और संगीत प्रदर्शन शामिल थे। आंकड़े क्षेत्रीय साहित्य कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी में 30% की वृद्धि दर्शाते हैं।

इसके अलावा, दिल्ली, दरभंगा और भागलपुर के लेखकों ने भाग लिया। सांस्कृतिक संरक्षण प्रयासों ने 1,000 से अधिक मगही साहित्यिक कृतियों का दस्तावेजीकरण किया है।

भविष्य की पहल

प्रो.नागेंद्र नारायण ने भाषा संरक्षण की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। भाषा विशेषज्ञों का अनुमान है कि मगही साहित्य अध्ययन में 25% की वृद्धि होगी।

इसके अतिरिक्त, परिषद ने नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी घोषणा की। हाल के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि क्षेत्रीय भाषा संरक्षण में 40% की वृद्धि हुई है।

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